विदेशी चींटियाँ बन सकती हैं बड़ी समस्या

चींटियाँ

तेज़ी से फैलने वाली चीटियों की समस्या उम्मीद से अधिक बड़ी हो सकती है.

स्पेनिश वैज्ञानिकों की एक टीम ने पाया है कि उम्मीद से ज़्यादा कीड़ों को अनजाने में ही दुनियाभर में भेजा जा रहा है.

शोधकर्ताओं ने आगाह किया है कि इनमें से बहुत सी प्रजातियों ने अपने नए प्राकृतिक आवासों में कॉलोनियाँ बसा ली हैं, ये पर्यावरण, बुनियादी ढांचे और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकते हैं.

इस शोध के नतीजे रॉयल सोसाइटी बायोलॉजी लेटर्स नाम की विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं.

अनचाही यात्रा

इसकी प्रमुख लेखक और स्पेन के ज़ेरोना विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाली वेरोनिका मिराविते कहती हैं,''छोटे आकार के कारण अधिकांश चींटियां अनचाहे ही जहाज़ या हवाई जहाज़ के जरिए कंटेनर या अन्य तरह के बॉक्स में रखी मिट्टी, लकड़ी, सजावटी पौधों और फल के साथ भेज दी जाती हैं.''

शोधकर्ताओं की टीम ने नीदरलैंड, अमरीका और न्यूजीलैंड में बहुत सी विदेशी चींटियों को देखा.

उन्होंने पाया कि छिपकर यात्रा करने वाले चींटियों की संख्या पहले बताई गई संख्या से बहुत अधिक है.

वैज्ञानिकों ने पाया की व्यापार के रास्तों के जरिए विदेशी चींटियों की 786 प्रजातियां दुनिया भर में पहुंच गई हैं.

माना जा रहा है कि इनमें से छह सौ से अधिक प्रजातियों ने अपनी कॉलोनी बसा ली है.

डॉक्टर मिराविते कहती हैं,''आ रही चीटियों की संख्या बहुत अधिक है. इस तरह प्रवेश कर गईं 85 फ़ीसदी प्रजातियां सफलतापूर्वक स्थापित हो गई हैं. इससे पता चलता है कि इस तरह की बहुत सी प्रजातियां हमारे आसपास रह रही है.लेकिन उनका अभी तक पता नहीं चला है.''

एक नए क्षेत्र में घुसने वाले सभी जीव खतरा नहीं होते हैं, लेकिन कुछ कहर बरपा सकते हैं. छिपकर यात्रा करने वाली चींटियाँ खतरनाक विदेशी अपराधियों में से हैं.

रोकने के उपाय

यूरोप में अर्जेंटीना की आक्रामक चींटियों ने बहुत बड़ी-बड़ी कालोनियाँ बना ली हैं. वे स्थानीय चींटियों की आबादी से होड़ से बाहर हैं.

वहीं अमरीका में दक्षिण अमरीका की रसबेरी चींटियाँ पहुँच गई हैं.बिजली के उपकरणों में झुंड में रहने की वजह से ये समस्या खड़ी कर रही हैं.

इनके काटने से होने वाले दर्द की वजह से भी इनके फैलने को पसंद नहीं किया जाता है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि इन कीड़ों को फैलने से रोकने के लिए और उपाय करने की जरूरत है.

डॉक्टर मिराविते कहती हैं,''एक बार अगर विदेशी चींटियों ने नया इलाका बना लिया तो, उनका उन्मूलन बहुत मुश्किल हो जाता है.''

वो कहती हैं,''विदेशी प्रजातियों की रोकथाम की कई विधियाँ हैं, जैसे सीमा पर ही ख़तरे का मूल्यांकन करना, ब्लैक लिस्ट करना और समय-समय पर जांच करना, ख़ासतौर पर उन व्यापारिक रास्तों पर नज़र रखना जिनमें इस तरह के घुसपैठ की आशंका अधिक हो.''

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