फलों का जूस नहीं, फल खाएं डायबिटीज़ में

  • 2 सितंबर 2013
Image caption फल खाना डायबिटीज़ में है फायदेमंद

अगर टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम कम करना चाहते हैं तो जमकर फल खाएं. खासकर ब्लूबेरी, सेब और अंगूर. ब्रिटिश मेडिकल पत्रिका ''डायबिटीज़ यूके'' के अध्ययन में यह सुझाव दिया गया है.

ब्लूबेरी डायबिटीज़ जोखिम को 26 फीसदी तक कम कर देता है जबकि अन्य फलों में किसी का भी तीन बार से ज़्यादा का सेवन जोख़िम को दो फीसदी तक कम करता है, हालांकि फलों के जूस ऐसा नहीं करते.

इस शोध के तहत अमरीका के एक लाख 87 हजार से ज्यादा लोगों का खानपान देखा गया.

ब्रिटेन, अमरीका और सिंगापुर के शोधकर्ताओं ने इसके लिए अमरीका में नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के उस अध्ययन के आंकड़ों का इस्तेमाल किया, जिसमें उऩ्होंने फलों की खपत और टाइप-2 डायबिटीज़़ के जोखिम के बीच रिश्तों की पड़ताल की थी. इसमें हिस्सा लेने वाले साढ़े छह फीसदी लोगों (यानी कुल 187,382 में से 12,198) में टाइप-2 डायबिटीज़ विकसित होती देखी गई.

अध्ययन में लोगों से हर चार साल पर उनके खानपान पर सवाल पूछे गए कि वो किसी फल को औसतन कितनी बार खाते हैं.

फल सेवन रखे सेहतमंद

Image caption आलूबुखारा का सेवन भी है बेहतर

अध्ययन में जिन फलों को शामिल किया गया उनमें अंगूर या किशमिश, आड़ू, आलूबुखारा या खुबानी, सूखे बेर, केला, खरबूजा, सेब या नाशपाती, संतरे, मौसमी, स्ट्रॉ़बेरीज़ और ब्लूबेरीज़ शामिल थे.

शोधकर्ताओं ने जब आंकड़ों का विश्लेषण किया तो पाया कि हफ़्ते में अगर तीन बार ब्लूबेरी, अंगूर और किशमिश, सेब और नाशपाती का सेवन किया जाए, तो खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज़ का जोखिम कम हो जाता है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक़, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इनमें एंथोसाइनिंस का स्तर काफी ज़्यादा होता है. जब इसे चूहे को दिया गया तो उनमें ग्लूकोज़ बढ़ा पाया गया. इन फलों में नैसर्गिक तौर पर पॉलीफेनोल्स भी होते हैं, जिनका असर काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

अध्ययन में उन्होंने लिखा,''फलों में बड़ी संख्या में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और दूसरे न्यूट्रीटेंस के अलावा पॉलीकेमिकल्स जैसे अलग-अलग तत्व होते हैं, जो एक साथ मिलकर जोखिम पर असर डालते हैं. ''

जूस का प्रभाव

Image caption डायबिटीज़ के लोगों के लिए फलों का जूस है खतरनाक

शोधकर्ताओं ने पाया कि फलों का जूस लेने से टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है. लिहाज़ा आंकलन ये रहा कि हफ़्ते में लिए जाने वाले फलों के जूस की जगह सभी तरह के फल लिए जाएं, तो स्वास्थ्य के लिए अच्छा रहेगा.

मसलन, फलों के जूस की जगह ब्लूबेरी के सेवन से टाइप-2 डाइबिटीज 33 फीसदी कम होती है, जबकि अंगूर और किशमिश खाने से 19 फीसदी, सेब और नाशपाती से 13 फीसदी और सभी तरह के फलों में किसी को साथ लेने से सात फीसदी जोखिम कम दिखा.

फलों के जूस की जगह संतरों, आड़ू, आलूबुखारा और खुबानी लेने से भी यही प्रभाव देखा गया.

विशेषज्ञ कहते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज के विकसित होने के जोखिम को कम करने के लिए संतुलित खुराक सबसे बेहतर है. इसमें कई तरह के फल औऱ सब्जियां हों और जहां तक संभव हो इंसान शारीरिक तौर पर सक्रिय भी रहे.

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