लटकती त्वचा से बेहाल पॉल को मदद की उम्मीद

एक अमरीकी शल्य चिकित्सक के मदद किए जाने के वादे के बाद कभी दुनिया के सबसे मोटे व्यक्ति रहे पॉल मैसन को बेहतर जिंदगी की उम्मीद जगी है.

वर्ष 2010 में पॉल मैसन 444 किलोग्राम के थे और अपने बिस्तर से हिल-डुल तक नहीं पाते थे.

फिर गैस्ट्रिक बाइ पास सर्जरी के बाद उनका वजन 152 किलोग्राम हो गया लेकिन बड़ी मात्रा में झूलती हुई त्वचा से उनका जीना अब भी मुहाल है.

बावन वर्षीय पॉल मैसन ने अपनी एक तस्वीर जारी कर चिकित्सकीय मदद की अपील की थी.

न्यूयॉर्क की सर्जन डॉ. जेनिफर काप्ला ने कहा है कि वह पॉल की मदद के लिए अपना वक्त देना चाहती हैं.

उम्मीद

पॉल ने बताया कि, वो अमरीका तक जाने-आने और अस्पताल में ठहरने के लिए ज़रूरी पैसे जुटाने का प्रयास कर रहे हैं.

डॉ. काप्ला ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने पॉल के वजन कम करने के कारनामे को न्यूयॉर्क टाइम्स में पढ़ा था.

उन्होंने कहा, ''वो एक उच्च ख़तरे वाले रोगी हैं और उन्हें कई शारीरिक दिक्कतें हैं जिन्हें सुलझाने की जरूरत है. हालांकि वे त्वचा निकालने की सर्जरी के लिए उपयुक्त व्यक्ति हैं.''

उन्होंने लगभग 272 किलोग्राम वजन कम किया है लेकिन अभी भी उनका चलना-फिरना व्हीलचेयर से ही हो पाता है क्योंकि अतिरिक्त त्वचा के वजन के चलते वह रोज़मर्रा के काम नहीं कर पाते.

डॉ. काप्ला का कहना है कि उन्होंने अभी तक 90 किलो तक वजन घटाने वाले रोगियों का इलाज किया है. लेकिन इतना ज्यादा वजन कम करने वाले व्यक्ति की सर्जरी कभी नहीं की है.

हालांकि उन्हें अपनी विशेषज्ञता पर पूरा भरोसा है.

पॉल का वजन कभी स्थिर नहीं रहा इसलिए नेशनल हेल्थ सर्विस से उनकी सर्जरी नहीं हो पाई.

उन्हें उम्मीद है कि शरीर के मध्य भाग से अतिरिक्त त्वचा निकाले जाने से सामान्य जीवन व्यतीत करने लायक स्थिति बन जाएगी.

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