किस्सा दुनिया की पहली टेलीफोन हेल्पलाइन का

1950 के दशक में एक अंग्रेज पादरी वेवर ने विश्व में पहली टेलीफ़ोन हेल्पलाइन सेवा की शुरुआत की थी. यह हेल्पलाइन ब्रिटेन में तेजी से बढ़ रहे आत्महत्या के मामलों को रोकने के लिए शुरू की गई थी.

इस हेल्पलाइन की शुरुआत के पीछे की कहानी को बीबीसी की विटनेस सेवा के साथ साझा किया इसके संस्थापक वेवर की बेटी ने.

पादरियों की शिकायत हॉटलाइन पर

पहली घंटी

दो नवंबर को लंदन के एक चर्च में पहली बार मदद के लिए घण्टी बजी. यह एक महिला का फ़ोन था जो अपने परिवार से निराश थी और आत्महत्या करने की धमकी दे रही थी.

उस समय ब्रिटेन में पारिवारिक समस्या बहुत आम थी. लोग अपनी समस्याओं को किसी अनजान व्यक्ति से नहीं बांटा करते थे. ब्रिटेन में उस वक्त भी आत्महत्या ग़ैर-कानूनी थी.

इसके बाद से ही इस हेल्पलाइन के संस्थापक ने अपने जीवन को उन युवा लोगों को समर्पित करने के निर्णय कर लिया जो मुसीबत में थे और आत्महत्या कर रहे थे.

इसके बाद उन्हें लंदन स्थित एक चर्च में काम करने का मौका मिला और उन्होंने चर्च के अधिकारियों को इस अनोखे विचार के बारे में बताया.

जब वो और उनका परिवार न्यू चर्च हाउस चला गया तो उन्होंने वहाँ के फ़ोन को हेल्पलाइन बना लिया. इसके लिए उन्होंने 999 और 9000 जैसे नम्बर का प्रयोग किया.

वेवर की बेटी कहती हैं, ''मेरे पिता हर वक़्त फ़ोन पर मदद के लिए उपलब्ध रहते थे लेकिन हम फ़ोन के दौरान उनके सामने नहीं रहते थे. वे इन फ़ोन से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखते थे.''

रियो डि जेनेरो में ग्रामर हॉटलाइन

उम्मीद

Image caption पादरी वेवर की साल 2007 में मृत्यु हो गई.

लंदन के एक स्थानीय अख़बार को दिये इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि लंदन की आत्महत्या दर को कम करने के लिए एक टेलीफ़ोन हेल्पलाइन की शुरुआत की.

उस समय आत्महत्या करना ब्रिटेन में ग़ैर-कानूनी था. यह एक अपराध था और लोगों को आत्महत्या के प्रयास के लिए जेल भी होती थी.

उनकी बेटी के मुताबिक, "शहर के लोगों और मेरे पिता के बीच एक विश्वास पैदा हो गया था. लोग मेरे पिता को एक उम्मीद की तरह से देखने लगे."

वर्ष 1960 के अंत तक ब्रिटिश मीडिया में इस काम के लिए कई फ़ोन औऱ स्थाई स्टाफ आ गए. ये वॉलिंटियर लोगों की मदद के लिए फ़ोन सुनते थे लेकिन कोई फ़ैसला नहीं सुनाते थे.

टेलीफ़ोन की आविष्कारक महारानी

वर्ष 1970 के दशक में इन लोगों ने युवाओं से सेक्शुएलिटी के बारे में भी खुलकर बात करना और सलाह देना शुरू कर दिया.

इसके पाँच सालों के बाद ही ब्रिटेन में हर साल पचास लाख से ज़्यादा कॉलें आने लगीं. पूरी दुनिया में इस हेल्पलाइन की चर्चा होने लगी.

पाँच साल के अंदर ही ब्रिटेन से बाहर इसकी पहली शाखा खुल गई. अपने तरह की पहली टेलीफ़ोन हेल्पलाइन की ब्रिटेन और पूरी दुनिया में 200 से ज़्यादा शाखाएं हैं.

दुनिया की पहली टेलीफ़ोन हेल्पलाइन के संस्थापक की 2007 में मृत्यु हो गई.

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