पेटेंट विवाद पर फिर कोर्ट पहुंचे ऐपल और सैमसंग

हाल के दिनों के एक सबसे चर्चित पेटेंट विवाद में ऐपल और सैमसंग एक बार फिर अदालत पहुंच गए हैं. अगस्त 2012 में एक जूरी ने सैमसंग को ऐपल के छह पेटेंट्स का उल्लंघन करने का दोषी करार देते हुए भारी जुर्माना लगाया था.

इस फ़ैसले और सैमसंग पर एक अरब डॉलर के जुर्माने को ऐपल की एक बड़ी जीत मानी गई. इन दोनों कंपनियों के बीच पेटेंटके मसले पर दुनिया की अदालतों में कई मामले चल रहे हैं.

मार्च 2013 में एक जज ने एक अरब डॉलर के जुर्माने को कम करते हुए कहा था कि कैलिफ़ोर्निया की अदालत ने नुकसान की गणना गलत तरीके से की थी.

जज ने कहा कि उपयुक्त जुर्माने की राशि 55 करोड़ डॉलर होगी और बाकी के 45 करोड़ की फिर से समीक्षा की जाएगी. समीक्षा के अनुसार 45 करोड़ के बकाये को बढ़ाया या घटाया जा सकता है.

फ़ैसले के ख़िलाफ ऐपल ने अपील कर रखी है. इन दोनों कंपनियों के बीच पूरे यूरोप के 10 से अधिक देशों में विवाद चल रहा है.

ऐसे में ऐपल ताज़ा सुनवाई के दौरान पहली सुनवाई में लगाए गए एक अरब से अधिक के जुर्माने की मांग कर सकता है. ऐपल ने मूल रूप से सैमसंग पर 2.5 अरब डॉलर के जुर्माने की मांग की थी.

उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह

हालांकि कुछ वरिष्ठ टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों का मानना है कि ये कानूनी विवाद उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह है.

हाल ही में ऐपल के सह संस्थापक स्टीव वोजनिक ने बीबीसी से कहा था, ''सैमसंग के फ़ोन्स में कुछ अच्छी चीज़ें हैं और मेरी इच्छा है कि ये चीज़ें आईफ़ोन में भी हों. मैं चाहता हूं कि ऐपल इसका इस्तेमाल करे. मैं नहीं जानता कि सैमसंग हमें रोकेगा.''

उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि लाइसेंस के झंझट से ऊपर उठते हुए अच्छी तकनीक को एक-दूसरे के साथ बांटा जाय. इससे हमारे उत्पाद बेहतर होंगे और हम आगे बंढ़ेंगे.

अक्टूबर में सैमसंग ने कुछ निश्चित तरीके के पेटेंट तोड़ने पर पांच साल के लिए अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनियों को अदालत में नहीं घसीटने का ऑफ़र दिया था.

यूरोपीय संघ ने इस ऑफ़र को प्रतियोगिता का दम घोंटने वाला कदम करार दिया था. सैमसंग पर यूरोप के स्पर्धारोधी कानून को तोड़ने का दोषी पाए जाने पर 18.3 अरब डॉलर के जुर्माने का ख़तरा मंडरा रहा है.

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