''कुत्तों का जन्म यूरोप में होने के संकेत''

आदिम और आधुनिक कुत्तों और भेड़ियों के डीएन पर किए गए शोध में पता चला है कि यूरोप में ही पहली बार कुत्तों को पालतू बनाया गया था.

इसमें कोई शक नहीं है इंसान के 'सबसे गहरा दोस्त' का जन्म भेड़ियों से हुआ हो लेकिन वैज्ञानिक इनके जन्म के स्थान और समय को लेकर लंबे समय से बहस करते रहे हैं.

आदिम और आधुनिक भेड़ियों और कुत्तों के आनुवांशिकों के सैंपलों को आधार बनाकर किए गए इस नए शोध में वैज्ञानिकों ने पाया गया है कि कुत्तों का जन्म 18,000 साल पहले यूरोप में हुआ था.

ओल्फ़ थालमन और उनके सहयोगियों ने इस शोध को किया जो विज्ञान पत्रिका में छपा है.

इससे पहले डीएनए को लेकर जो शोध किए गए थे उसमें पता चलता है कि हर प्रकार की कद काठी के आधुनिक कुत्तों के जन्म का नाता 15,000 साल पहले से जोड़कर देखा जा सकता है जब भेड़ियों ने मध्यपूर्व या पूर्व एशिया में ख़ुद को मनुष्यों के समुदाय से जोड़ लिया था.

दावों

लेकिन इन दावों के साथ दिक्कत ये थी कि जीवाश्म वैज्ञानिकों को कुत्ते जैसे दिखने वाले जानवरों के जो अवशेष मिले वो 30,000 साल से ज्यादा पुराने हैं.

फ़िनलैंड यूनिवर्सिटी में डॉक्टर और उनकी टीम ने इन विरोधाभासी डीएनए सबूतों का दोबारा अध्ययन किया.

वैज्ञानिकों की इस टीम ने आदिम ज़माने के कई प्रकार के जानवरों जिसमें कुत्तेऔर भेड़िए शामिल थे पर शोध किया.

इस शोध में पता चला कि जो आधुनिक कुत्ते थे वे प्राचीन यूरोपीय कुत्तों या भेड़िओं से गहरे तौर पर संबंधित थे. इनका न ही यूरोप के बाहर रहने वाले भेड़ियों से कोई नाता था न यूरोप में रहने वाले आधुनिक भेड़ियों से और क्योंकि जिन कुत्तों का अवशेष लेकर शोध किया गया था वो 18,000 साल पुराने थे और उससे ये पता चला कि इन कुत्तों को और भी पहले समय से पालतू बना कर रखा गया था.

अगर ये सही है तो इसका मतलब ये हुआ कि कुत्ते, भेड़ियों की आबादी से उस समय अलग हो गए जब मनुष्य का समुदाय बना और वे एक जगह रहकर कृषि और शिकार करने लगे.

शोध

इस बात की भी संभावना है कि इन भेड़ियों ने शिकारियों का पीछा किया हो, शायद पहले कुछ दूरी से और वे जिन जानवरों का शिकार करते थे और उन जानवरों का इस्तेमाल होने के बाद जो ढ़ाचा बचता था ये भेड़िए उससे गुज़र बसर करते थे. लेकिन जैसे- जैसे इंसान इनसे कम डरने लगे वे भेड़िए उनके समुदाय में शामिल हो गए.

डॉक्टर थलमन कहते हैं, ''आप देख सकते है मनुष्यों के नजदीक रहने के बाद कैसे भेड़ियों को फ़ायदा हुआ क्योंकि उन्हें शिकार किए जानवरों के ढ़ाचे मिले लेकिन इससे मनुष्यों को भी फ़ायदा हुआ होगा.''

उन्होंने बीबीसी को बताया , ''आपको ये याद करना होगा कि 18,000-32,000 साल पहले यूरोप में भेड़ियों से भी बड़े जानवर जैसे भालू और लकड़बग्घा होते थे और ऐसे में भेड़ियों का इन इंसानों के पास रहना इन बड़े जानवरों को लेकर एक चेतावनी का संकेत भी दे सकता था. ये एक विश्वसनीय बात लगती है कि कुत्तों को पालतू बनाने का जन्म यहीं से हुआ होगा.''

हालांकि ये शोध नया है लेकिन ये इस विषय पर आख़िरी शब्द नहीं हो सकता.

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