अठखेलियां करते पृथ्वी और चंद्रमा

  • 11 दिसंबर 2013

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एक अद्भुत फ़िल्म जारी की है जिसमें पृथ्वी और चंद्रमा एक साथ अंतरिक्ष में घूम रहे हैं.

इस फ़िल्म में पृथ्वी और उसके उपग्रह चंद्रमा को एक साथ दिखाया गया है. इसे बृहस्पति की ओर जा रहे उपग्रह जूनो ने उस समय खींचा जब वो अक्टूबर में पृथ्वी के करीब से गुजर रहा था.

इस फ़िल्म में पृथ्वी को अपनी धुरी पर घूमते हुए देखा गया जबकि चंद्रमा उसके पीछे से गुजर रहा था.

जूनो के मुख्य वैज्ञानिक स्कॉट बॉल्टन ने बताया कि इस चित्र के जरिए लोग ब्रह्मांड में अपनी स्थिति के बारे में अनुमान लगा सकेंगे.

जूनोकी फ़िल्मों में पृथ्वी और चंद्रमा की गति संबंधी कई दूसरे दृश्य भी लिए गए हैं.

पृथ्वी और चंद्रमा की चहल-कदमी का वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

खगोलीय नृत्य

बॉल्टन ने बीबीसी न्यूज़ को बताया, "मनुष्य पृथ्वी और चंद्रमा को गति की अवस्था खगोलीय नृत्य करते हुए देख सकते हैं."

उन्होंने बताया, "आपको याद होगा कि कुछ साल पहले कार्ल सगन ने एक तस्वीर ली थी, जिसे उन्होंने पाले ब्लू डॉट नाम दिया और उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि हम जो कुछ भी जानते हैं वो इस छोटे से बिंदु में है. और मैं सोचता हूं कि हमारी फ़िल्म ने भी वही काम किया है लेकिन महज एक तस्वीर की बजाए एक फ़िल्म के जरिए."

बॉल्टन सैन फ्रांसिस्को में अमरीकन जियोफिजिक्स यूनियन (एजीयू) की बैठक को संबोधित कर रहे थे. यह पृथ्वी और ग्रहों के अध्ययन से जुड़े वैज्ञानिकों का सबसे बड़ा राजनीतिक सम्मेलन है.

बेहतरीन मौका

यह फ़िल्म यूट्यूब पर उपलब्ध है. इस फ़िल्म के साथ सुनाई देने वाले संगीत की रचना जाने-माने फ़िल्म संगीतकार वेंजेलिस ने की है.

जूनो का प्रक्षेपण पांच अगस्त 2011 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से किया गया था.

इस उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए जिस वक्र (रास्ते) को चुना गया था उसके तहत इस अंतरिक्षयान को इस साल नौ अक्टूबर के आसपास दोबारा पृथ्वी के करीब से लौटना था.

इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों को लगा कि पृथ्वी से गुजरने के दौरान तस्वीर उतारने का एक बेहतरीन मौका मिल सकता है.

स्वप्निल तस्वीर

उन्होंने इस दौरान कई तस्वीरें लेने के लिए जूनो में एक कैमरा प्रणाली की प्रोग्रामिंग की. यह उस उपग्रह के मुख्य कैमरा प्रणाली का हिस्सा नहीं थी, लेकिन इसे तारों की तस्वीरें लेने के लिए लगाया गया था.

अभियान दल से जुड़े लोग बताते हैं कि इसका रेज़लूशन काफी कम है और काफी कम डाटा ही ऐसा होता है जिसके जरिए फ़िल्म बनाई जा सकती है.

यह तस्वीर थोड़ी स्वप्निल लगती है, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि हम उससे पूरी तरह से परिचित हैं.

दृश्य में बाईं तरफ से तस्वीर पृथ्वी और चंद्रमा का प्रवेश होता है और इस समय जूनो उनसे करीब दस लाख किलोमीटर दूर है. यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमी के बीच की दूरी का तीन गुना है.

जूनो ने बदला रास्ता

जब चंद्रमा धीमे-धीमे दाईं ओर बढ़ता है, उसके साथ ही पृथ्वी जूनो के नज़दीक आती जाती है और इतना नज़दीक कि जूनो को अपना बचाव करने के लिए अचानक रास्ता बदलना पड़ता है.

इस अभियान से जुड़े कोपेनहेगन स्थित डेनिश टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक जॉन जॉरगेंनसन बताते हैं, "इस तरह के निम्न प्रकाशीय कैमरे की एक खासियत यह है कि हम इसे इस तरह समायोजित कर सकते हैं ताकि किसी बेहद चमकीली वस्तु की भी तस्वीरें ली जा सके."

बृहस्पति पर पहुंचने पर जूनो अपने सौर मंडल के सबसे बड़े ग्रह की उत्पत्ति और उसके विकास के बारे में अध्ययन करेगा. इस मिशन से सौर मंडल के बारे में हमारी जानकारी और पुख्ता हो सकेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार