मेवा-बादाम का सेवन, 'एलर्जी दूर भगाए'

  • 26 दिसंबर 2013

एक अध्ययन के मुताबिक उन बच्चों को नट (मेवा-बादाम आदि) खाने में कोई एलर्जी नहीं होती है जिनकी माँएं गर्भावस्था के दौरान बादाम खाती रही हों.

द जर्नल ऑफ अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) पेडियाट्रिक्स में यह अध्ययन प्रकाशित हुआ है.

करीब 8000 बच्चे और उनकी माँ का विश्लेषण करने के बाद अमरीकी शोधकर्ता इस नतीजे तक पहुंचे हैं. इनके मुताबिक गर्भावस्था के दौरान कुछ खान-पान की चीजों के इस्तेमाल से बच्चे भी उन चीजों के प्रति सहज रूप से सहिष्णुता हो जाते हैं.

हालांकि यह नतीजा उन अध्ययनों से मेल नहीं खाता है जिसमें बताया गया है कि बादाम के सेवन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

नतीजे पर आम सहमति नहीं

इस अध्ययन के लेखक डॉक्टर लिंडसे फ्रेज़ियर बोस्टन स्थित डाना फेबर चिल्ड्रन कैंसर केंद्र से जुड़े हैं. उनके मुताबिक अगर गर्भावस्था के दौरान कोई मां बादाम आदि का सेवन करती है तो उनके बच्चों में उनसे एलर्जी की आशंका एक तिहाई कम हो जाती है.

सूखे मेवे की प्रजाति में अखरोट, बादाम, पिश्ता, काजू, पीकान, पहाड़ी बादाम और मूंगफली आते हैं.

शोधकर्ताओं ने इसके आधार पर यह भी उम्मीद जताई है कि सूखे मेवे और बादाम के सेवन से एलर्जी को दूर किया जा सकता है.

हालांकि एलर्जी को दूर भगाने में अन्य दूसरे कारक भी अहम होंगे.

गायज़ एंड सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के चिल्ड्रन एलर्जीस्ट कंसलटेंट डॉक्टर एडम फॉक्स ने कहा, "अभी तक इस अध्ययन को लेकर एकसमान राय नहीं मिल रही है. इसलिए मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को ना तो नट (बादाम आदि) खाने से परहेज करना चाहिए और ना ही इसका ख़ूब इस्तेमाल करना चाहिए."

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार