नए साल के पाँच हॉट गैजेट

माइक्रोसॉफ्ट टैबलेट

दुनिया में कई लोग हैं जो उसी दिन गैजेट खरीदते हैं जिस दिन उसे लाँच किया जाता है.

अगर आप ऐसे लोगों में शामिल नहीं हैं तो आप बेहतर स्थिति में हैं. आपको गैजेट सस्ते मिल जाते हैं और वे ख़राबी और फ़्लॉप के ठप्पे से मुक्त होते हैं.

अगर आपने 2013 की शुरुआत में लाँच हुए नए ब्लैकबेरी बीबी10 हैंडसेट को नहीं खरीदा है तो आप ख़शकिस्मत हैं क्योंकि अब इसकी क़ीमत बहुत कम हो चुकी है.

अगर आपने माइक्रोसॉफ्ट सरफेस टैबलेट या एचपी क्रॉमबुक 11 नहीं खरीदा है तो आप ख़ुशकिस्मत हैं क्योंकि वे फ़्लॉप हो चुके हैं.

मैंने डेढ़ साल पहले 78 हज़ार रुपए में मैकबुक एयर 11 खरीदा था. अब आप इसकी अगली पीढ़ी केडबल बैटरी लाइफ़ वाले डेवाइस को 68 हज़ार रुपए से कम क़ीमत पर खरीद सकते हैं.

मैकबुक एयर

साल 2012 में जब मैंने ऐप्पल का एयर खरीदा था तो यह उस समय सबसे ज़बर्दस्त नोटबुक था.

साल 2013 में आए इसके नए संस्करण में बैटरी की लाइफ़ 12 घंटे हो गई है. 13 इंच चौड़े इस डेवाइस में इंटेल का नया लो पावर हैसवैल चिप लगा है.

11 इंच एयर का महत्व अब बढ़ गया है. इसमें सभी सॉफ़्टवेयर पेजेज़, नंबर और कीनोट मुफ़्त उपलब्ध हैं. मतलब इसके लिए अब माइक्रोसॉफ़्ट ऑफ़िस की ज़रूरत नहीं है.

विंडोज़ नोटबुक सस्ती हो सकती है लेकिन इसमें वो बात नहीं है. एयर की तो बात ही कुछ और है. अगर आप विंडोज़ इंस्टॉल करने की फ़ैसला भी करते है तो भी यह शानदार काम करता है.

यह काफ़ी तेज़ है और सॉलि़ड स्टेट स्टोरेज का काम करता है. इसने दूसरे सभी नोटबुकों के लिए एक मानक स्थापित किया है.

नोकिया लूमिया 1020

स्मार्टफ़ोन कैमरे अब बहुत अच्छे हो गए हैं. चाहे वह आईफ़ोन 5 का आठ मैगापिक्सल कैमरा हो या फिर सैमसंग गैलेक्सी एस 4 का 13 मैगापिक्सल कैमरा. यह केवल मैगापिक्सल की बात नहीं है. एचटीसी वन पर चार मैगापिक्सल का लो लाइट कैमरा लगा है.

लेकिन नोकिया लूमिया 1020 में इसमें लंबी छलांग लगाई है. इस पर लगे 41 मैगापिक्सल के कैमरे से हाई रिज़ोल्यूशन फ़ोटो खींच सकते हैं जिन्हें बाद में आप तस्वीर की क्वालिटी बरक़रार रखते हुए डिजिटली क्रॉप और ज़ूम कर सकते हैं. इसके ज़रिए आप आम फ़ोटो को भी ख़ास बना सकते हैं.

स्मार्टफ़ोन के रूप में लूमिया 1020 टॉप पर नहीं है. यह विंडोज पर आधारित है जिसका ऐप्स सपोर्ट बहुत अच्छा नहीं है. हालांकि इसमें अब इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय ऐप उपलब्ध हैं. लेकिन अगर आप फ़ोन के साथ शानदार कैमरा चाहते हैं या अगर आप एक फ़ोटोग्राफर हैं और बैकअप कैमरे की तलाश में हैं तो यह आपके लिए बना है.

आईपैड एयर

एयर ने हमें दिखाया है कि साल 2013 में क्या हुआ था, वो था पुराने मॉडलों में सुधार. ऐप्पल के नए आईफ़ोंस नीरस थे लेकिन उसने आईपैड एयर बनाकर इसकी भरपाई कर ली.

नए रंगरूप में आया यह आईपैड दस इंच टैबलेट में सबसे हल्का है. यह 7.5 मिमी पतला है, इस पर शार्प रेटिना डिस्प्ले लगा है, आईवर्क्स और सॉफ़्टवेयर है.

साथ ही इस पर छोटी बैटरी लगी होने के बावजूद यह आठ से दस घंटे तक चार्ज रहता है.

बस दुख इस बात का है कि भारत में इसके 32 जीबी सेल्यूलर मॉडल की क़ीमत 51,900 रुपए है जो कि बहुत ज़्यादा है.

इस पर अब भी आईफ़ोन 5 के आठ मैगापिक्सल सेंसर के बजाय पाँच मैगापिक्सल का कैमरा लगा है.

स्मार्टवॉच

पहने जाने वाली इस तकनीक ने दुनियाभर के टेक शोज़ में काफ़ी धूम मचाई. पैबल के लिए दुनियाभर में 69,000 लोगों ने एक करोड़ डॉलर देने का वादा किया है. पिछले साल 100,000 स्मार्टवॉच बेची गई.

इसके बाद सैमसंग ने लाँच की गैलेक्सी गीयर. यह घड़ी ऐप्स संचालित कर सकती है, वॉइस कॉल्स और टेक्सट मैसेज हैंडल कर सकती है, तस्वीरें खींच सकती है, वीडियो बना सकती है, और कुछ गैलेक्सी स्मार्टफ़ोंस के साथ सहयोगी की भूमिका भी निभा सकती है.

इसकी कुछ सीमाएं हैं लेकिन फिर भी यह किसी बड़े ब्रांड द्वारा लाँच पहली स्मार्टवॉच है. सैमसंग ने दावा किया कि उसे 800,000 ऐसी घड़ियों का ऑर्डर मिला है. हालांकि इनमें से कई ऑर्डर वापस ले लिए गए.

23 हज़ार रुपए मूल्य का यह गीयर महंगा है. इसकीबैटरी लंबे समय तक नहीं चलती है, सॉफ़्टवेयर में ख़ामियां हैं और इसमें सीमित ऐप्स हैं.

यह 2013 के फ़्लॉप गैजेट की सूची में शामिल है. लेकिन यह अभी शुरुआती चरण में है. मार्च में गीयर 2 के आने की संभावना है. इसके अलावा इस साल कई और स्मार्टवाचेज के भी लाँच होने की संभावना है.

गूगल ग्लास

यह भविष्य की तकनीक है जहां चश्मे और पर्सनल कम्प्यूटर का संगम होता है और वैज्ञानिक फंतासी असल ज़िंदगी से मिलती है.

आप इसे चश्मे की तरह पहन सकते हैं और आपकी आंखों के सामने स्मार्टफ़ोन की तरह का डिस्प्ले दिखता है. आप इससे बातें कर सकते हैं और इसे अपने ढ़ंग से काम करने को कह सकते हैं. आगे इसे चश्मे और धूप के चश्मे के साथ जोड़ा जा सकता है.

इसे गूगल एक्स ने विकसित किया है. भविष्य की तकनीक पर काम करने वाली गूगल की यह शाखा साथ ही चालकरहित कार की परिकल्पना को भी साकार करने में जुटी है.

ग्लास को अभी बड़े पैमाने पर तैयार नहीं किया गया है लेकिन कुछ चुनींदा ख़रीदारों के साथ इसके 1500 डॉलर क़ीमत के एक्सप्लोरर एडीशन को आजमाया जा रहा है.

ग्लास के इसी साल बिक्री के लिए उपलब्ध होने की संभावना है और यह इस पहने जाने में सक्षम तकनीक के बाज़ार को हमेशा के लिए बदलने जा रहा है.

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