हवाई जहाज़ में विंडो की जगह स्क्रीन !

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अब तक हवाई जहाज़ में सीटों या केबिनों के साथ विंडो लगाई जाती रही हैं लेकिन आने वाले दिनों में आपको विंडो की जगह पतली स्क्रीन दिखाई पड़ सकती है.

इतना ही नहीं, इन स्क्रीनों पर वो चित्र भी नजर आएंगे जो हवाई जहाज़ के बाहर लगे कैमरे खींच रहे होंगे.

सुपरसोनिक जेट विमान बना रही स्पाइक एयरोस्पेस कंपनी इसे डिज़ाइन कर रही है. कंपनी के मुताबिक़ डिज़ाइन में इस बदलाव से एयरक्रॉफ्ट को बनाना कहीं ज़्यादा आसान हो जाएगा.

हालांकि ऐसे विमान को आने में अभी समय लगेगा. एस-512 सुपरसोनिक जेट विमान के साल 2018 से पहले लॉन्च होने की उम्मीद नहीं है.

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इसके बारे में लिखा है कि हवाई जहाज़ में विंडो लगाने के लिए अतिरिक्त ढांचे की ज़रूरत होती है और इससे विमान का वज़न भी ज़्यादा हो जाता है.

स्पाइक एयरोस्पेस के मुताबिक़ माइक्रो कैमरा लगाने और फ्लैट स्क्रीन डिस्प्ले से कई मुश्किलें दूर हो जाएंगी.

सुरक्षा पर सवाल

स्क्रीन पर आने वाली तस्वीरों को यात्री ख़ुद भी बदल सकते हैं.

सेंट्रल लंकाशायर यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के विशेषज्ञ डॉक्टर डारेन एंसेल के मुताबिक़ बिना विंडो के यात्रियों को हवाई जहाज़ असामान्य लग सकता है.

एंसेल कहते हैं, "विंडो नहीं होने पर कोई प्राकृतिक रोशनी नहीं होगी. लोगों को ऐसा लग सकता है कि वे किसी ट्यूब में यात्रा कर रहे हैं."

उनके मुताबिक़ सुरक्षा के लिहाज से यह चुनौतीपूर्ण होगा.

एंसेल कहते हैं, "किसी हादसे के वक़्त आप कैसे देख पाएंगे कि जहाज़ किस तरह लैंड कर रहा है और अगर बाहर के कैमरों ने काम करना बंद कर दिया तब क्या होगा."

बिज़नेस जेट विमान

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स्पाइक एयरोस्पेस का मुख्यालय अमरीका के बोस्टन शहर में है और उसके पास एयरक्रॉफ्ट डिज़ाइन और निर्माण के बेहद अनुभवी और दक्ष इंजीनियरों की टीम है.

बीते दिसंबर में कंपनी ने अपने एस-512 विमान के निर्माण की घोषणा की थी और दावा किया था कि यह दुनिया का पहला सुपरसोनिक बिज़नेस जेट विमान होगा.

इस विमान की अनुमानित लागत 8 करोड़ डॉलर बताई जा रही है. ऐसे विमान में एक साथ 18 यात्री सफ़र कर पाएंगे. कंपनी के दावे के मुताबिक़ इसे न्यूयॉर्क से लंदन तक की दूरी को तय करने में तीन से चार घंटे का वक़्त लगेगा.

अभी यह दूरी तय होने में छह से सात घंटों का वक़्त लगता है. ये विमान बोइंग 777-300 विमान से लगभग दोगुनी रफ़्तार से उड़ान भरेगा.

ऐसा ही विमान एरियन और गल्फ़स्ट्रीम भी तैयार करने की कोशिशों में जुटी हैं.

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