स्टीरॉयड लेने वालों की तादाद छह गुना बढ़ी

हाल के दिनों में इंग्लैंड में स्टीरॉयड दवा लेने वालों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है.

धर्मार्थ संस्था सीआरआई इंग्लैंड में 21 सीरिंज एक्सचेंज केंद्र चलाती है.

संस्था ने पाया कि 2010 में 290 लोग स्टीरॉयड का इस्तेमाल करते थे, जबकि 2013 तक आते आते ऐसे लोगों की संख्या 2,161 तक पहुंच गई.

यानी स्टीरॉयड लेने वालों की संख्या में 645 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई.

इसे देखते हुए स्वास्थ्य निगरानी संस्था एनआईसीई ने इंग्लैंड में सीरिंज एक्सचेंज के लिए नए दिशा निर्देश बनाए हैं.

इसमें कहा गया है कि स्टीरॉयड लेने वालों को कवर करने के लिए निडिल एंड सीरिंज प्रोग्राम को व्यायामशालाओं तक कोअपनी जद में लेना चाहिए.

डेव की कहानी

छह फुट दो इंच लंबे 64 इंच की छाती वाले डेव क्रासलैंड जिम में कड़ा अभ्यास करते हैं, रोजाना करीब 10,000 कैलोरी भोजन में लेते हैं और साथ में स्टीरॉयड भी लेते हैं.

उनका मानना है कि यदि वो स्टीरॉयड न लें तो उनका वजन कम ही होता.

हालांकि वो स्वीकार करते हैं कि यह आपको कड़े और लंबे अभ्यास में मदद करता है और मांसपेशियों को बढ़ाता है लेकिन इसके दुष्प्रभावों में बाल झड़ने से लेकर हृदयाघात और नपुंसकता तक का ख़तरा बना रहता है.

डेव कहते हैं, ''स्टीरॉयड लेना ऐसा चलन बन गया है कि 17 से 24 वर्ष के युवा बिना जाने कि इसका क्या असर होगा, धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.''

एनआईसीई से जुड़े प्रोफेसर माइक केली कहते हैं स्टीरॉयड लेने वाले खुद को बहुत स्वस्थ समझते हैं. वे खुद को इसके नशेड़ी के रूप में नहीं देखते. इसलिए हमें ऐसे रास्ते तलाशने की ज़रूरत है जिससे उन्हें सही राह दिखाई जा सके.

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