घायल मादा को नर बंदर ने लगाया गले

मादा बंदर की देखभाल करता नर बंदर इमेज कॉपीरइट BEZERRA ETAL

अफ़्रीका के जंगलों में रहने वाले मार्मोसेट प्रजाति के एक बंदर को मृत्यु से जूझ रही अपनी मादा साथी को गले लगाते और देखभाल करते देखा गया.

इस घटना के वीडियो में ब्राज़ील के जंगलों में दुर्घटनावश पेड़ से ज़मीन पर गिरी मादा साथी को नर बंदर ढांढस बंधा रहा था. बाद में मादा बंदर का निधन हो गया था.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार 'चौंकाने वाला' है, इसके पहले इस तरह का व्यवहार केवल वनमानुष और इंसानों में देखा गया था.

समूह में यह युगल सबसे ज़्यादा समय तक एक-दूसरे के साथ रहा था. वे तीन-साढ़े तीन साल तक एक-दूसरे के लिए समर्पित रहे.

अध्ययनकर्ताओं के अनुसार इस प्रजाति के बंदर अपनी मादा साथी की मौत के एक महीने के भीतर, नर समूह को छोड़ देते हैं और फिर कभी लौटकर नहीं आते.

इस अद्भुत पारस्परिक व्यवहार को शोध जर्नल प्राइमैट में विस्तार से प्रकाशित किया गया है, इसमें उनके व्यवहार के वीडियो रिकॉर्डिंग का ब्योरा साझा किया गया है.

प्राइमैटोलॉजिस्ट ने इन दो बंदरों को मार्मोसेट समूह के पर्यवेक्षण के दौरान देखा. ये बंदर पूर्वोत्तर ब्राज़ील के अटलांटिक जंगलों के हिस्से में रहते थे.

'साथी की परवाह'

इस अध्ययन दल में शामिल यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिस्टल, ब्रिटेन के डॉक्टर ब्रुना बेज़ेरा और फेडरल रूरल यूनिवर्सिटी ऑफ़ पेरानांबुको के सहयोगी ब्राज़ील में पिछले कई सालों से इस समूह का अध्ययन कर रहे थे.

इस समूह में चार वयस्क नर, तीन वयस्क मादा, तीन किशोर और दो शिशु बंदर शामिल थे.

पेड़ से गिरने वाली मादा (एफ़ वन-बी) इस समूह के सबसे प्रभावशाली मादा थी, जो पेड़ से गिरने के बाद ज़मीन पर किसी वस्तु से टकराने के बाद चोटिल हो गई थी.

गंभीर रूप से घायल होने के बाद वह दर्द के कारण ज़मीन पर लेट गई थी.

शोधकर्ताओं की रिपोर्ट के मुताबिक़, "इस दौरान अध्ययन दल ने समूह के प्रभावशाली नर (एम वन -बी) का हैरान करने वाला व्यवहार देखा."

करीब 45 मिनट बाद नर बंदर की नज़र मादा ज़मीन पर लेटी मादा बंदर पर पड़ी.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ ब्रिस्टल, ब्रिटेन के डॉक्टर ब्रुना बेज़ेरा ने बीबीसी नेचर को बताया, "नर बंदर शीघ्रता से अपनी मादा साथी के पास पहुंच गया."

उस समय वह नर बंदर पेड़ पर दो नन्हे शिशुओं की देखभाल कर रहा था, वह उनको पीछे छोड़कर पेड़ से नीचे उतरा और मादा साथी को गले लगा लिया.

डॉक्टर ब्रुना बेज़ेरा ने कहा, "नर बंदर मादा साथी के बगल बैठकर उससे बातचीत की कोशिश करता रहा, ऐसा उसने अगले एक घंटे 48 मिनट तक किया."

उसकी मृत्यु के बाद नर बंदर ने मादा साथी को गले लगाया और सूंघा. इस दौरान उसने समूह के अन्य बंदरों को दूर रखा जो मादा के पास आने की कोशिश कर रहे थे.

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