'सबसे बड़ी' स्पोर्ट्स टॉरेंट साइट हुई बंद

  • 24 अप्रैल 2014
टीएसटीएन इमेज कॉपीरइट

ब्रितानी पुलिस की एक चेतावनी के बाद चर्चित स्पोर्ट्स फ़ाइल-शेयरिंग वेबसाइट 'दि स्पोर्ट्स टॉरेंट नेटवर्क' बंद कर दी गई है.

दि स्पोर्ट्स टॉरेंट नेटवर्क (टीएसटीएन) यूरोपीयन फ़ुटबॉल मैचों, अमरीकी नेशनल हॉकी लीग गेम्स, फ़ॉर्मूला वन रेसों और स्पोर्ट्स से जुड़ी डॉक्यूमेंट्रीज़ और अन्य वीडियो फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए लिंक उपलब्ध कराता था.

न्यूज़ साइट टॉरेंटफ़्रीक के अनुसार टीएसटीएन के पास 20,000 की संख्या में लिंक थे जिसके चलते "यह संभवतः इस तरह की सबसे बड़ी वेबसाइट थी."

न्यूज़ साइट के अनुसार पुलिस ने इस टॉरेंट को एक पखवाड़े पहले ईमेल कर दिया था.

लंदन की पुलिस इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्राइम यूनिट (पिपकु) की ओर से भेजे गए संदेश में लिखा था, "पिपकु को आपके और दिस्पोर्ट्सटॉरेंटनेटवर्क डॉट सीओ डॉट यूके के ख़िलाफ़ आपराधिक गतिविधियों को रोकने, जांच करने की कार्रवाई करने का अधिकार है."

इस संदेश में यह भी कहा गया कि अगर ऑपरेटर्स को पाइरेसी का दोषी पाया गया तो उन्हें 10 साल की जेल हो सकती है.

डाटाबेस

अन्य कई टोरेंट ट्रैकर्स की तरह टीएसटीएन पाइरेटेड मीडिया फ़ाइल्स को खुद होस्ट नहीं करता था, बल्कि यह उन यूज़र्स को आपस में संपर्क स्थापित करने में मदद करता था जो पीयर-टू-पीयर नेटवर्क का इस्तेमाल कर फ़ाइल शेयर करना चाहते थे.

इसके मेंबर्स को साइट के एडमिनिस्ट्रेटर्स को अपने शामिल होने की वजह बतानी पड़ती थी. उसके बाद ही उन्हें इस वेबसाइट में फ़ाइलों की यूआरएल देखने की अनुमति दी जाती थी. अगर उन्होंने पर्याप्त मात्रा में कंटेट दे दिया है या पर्याप्त डोनेशन दी है तो वह अन्य को भी इनवाइट कर सकते थे.

इमेज कॉपीरइट Getty

पिछले हफ़्ते अपनी वेबसाइट और ट्विटर अकाउंट बंद करने से पहले ऑपरेटर्स ने लिखा, "हमारे ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की गई है."

"पिछले कुछ हफ्तों से हमारा साथ देने के लिए शुक्रिया, शुभकामनाएं, टीएसटीएन कर्मचारी."

पिछले साल ब्रिटेन के इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफ़िस से 2.56 मिलियन पाउंड (करीब 26.21 करोड़ रुपये) मिलने के बाद सितंबर में लंदन शहर पुलिस ने पिपकु को शुरू किया था.

इसके अधिकारी उद्योग के समूहों से मिली सूचनाओं पर कार्रवाई करते हैं और ब्रिटेन में ऐसे संदिग्ध लोगों और वेबसाइटों की पहचान करते हैं जो ग़ैरक़ानूनी चीज़ें और डाउनलोड्स उपलब्ध करवा रहे हैं.

इससे पहले भी इसने कई छोटे खेल-संबंधी वेबसाइट्स को बंद किया है- जिनमें बॉक्सिंगगुरु डॉट सीओ डॉट यूके और नटजॉबडॉटईयू शामिल हैं. इसके अलावा इसने एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है जो ऐसे सेट टॉप बॉक्स बेच रहा था जो प्रीमियर लीग के मैचों को ग़ैरकानूनी रूप से दिखाता था.

पिपकु ने एक "ग़ैरकानूनी" वेबसाइट्स का एक डाटाबेस भी तैयार किया है जिसे विज्ञापन एजेंसियों के साथ साझा भी किया गया है ताकि इन साइट्स के ऑपरेटर्स की कमाई को रोका जा सके. हालांकि इन साइट्स के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.

पिपकु के अपने संसाधन अगले साल तक ख़त्म हो जाएंगे लेकिन प्रधानमंत्री के इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी सलाहकार, माइक वेदर्ली एमपी ने इस शाखा को स्थाई रूप से खोलने की मांग की है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार