नए ख़ून से 'सक्रिय होता है पुराना मस्तिष्क'

चूहों पर एक शोध इमेज कॉपीरइट THINKSTOCK

अमरीका में शोधकर्ताओं का कहना है कि संभवतः उन्होंने यह खोज की है कि बढ़ती उम्र का मुकाबला कैसे किया जाए और यहाँ तक कि बढ़ती उम्र की कुछ प्रक्रियाओं को कैसे पलटा जाए, कम से कम चूहों में तो ऐसा संभव हो सका है.

एक अध्ययन में यह बात सामने आई कि बड़े चूहों में छोटे चूहों का रक्त इंजेक्शन द्वारा देने से उनकी मस्तिष्क क्षमता में वृद्धि हुई.

अमरीका में स्टैनफ़र्ड विश्वविद्याल के वैज्ञानिक इस उम्मीद के साथ लोगों पर इसके परीक्षण की योजना बना रहे हैं कि इससे बुजुर्ग लोगों में मनोभ्रंस (डिमेंशिया) की बीमारी का नया उपचार खोजा जा सकेगा.

ब्रिटेन में डिमेंशिया पर शोध करने वाली एक संस्था का कहना है कि इस अध्ययन से इंसानों को होने वाले लाभों के बारे में जानकारी नहीं है.

कैसे हुआ शोध?

नेचर मेडिशिन में प्रकाशित शोध के मुताबिक़ 18 महीने के चूहों को तीन महीने के चूहों से लिए गए रक्त के अंश (प्लाज्मा) के इंजेक्शन दिए गए.

इसके बाद चूहों का स्मृति परीक्षण किया गया. अध्ययन में यह बात सामने आई कि जिन चूहों को इंजेक्शन दिए गया था, स्मृति परीक्षण में उनका प्रदर्शन उनके हम उम्र के अन्य चूहों से बेहतर पाया गया.

स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ मेडिसिन के डॉक्टर टोनी वस-कॉरे कहते हैं, "युवा चूहों के रक्त में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो जो बड़े चूहों के मस्तिष्क को फिर से ऊर्जावान बनाने की क्षमता रखते हैं ताकि यह भी युवा मस्तिष्क की तरह ही काम कर सके."

उन्होंने अध्ययन के बारे में कहा, "हम काफ़ी गहराई से काम कर रहे हैं ताकि पता लगा सकें कि ऐसा होने के संभावित कारण क्या हैं और ठीक उसी प्रक्रिया से ऊतकों का निर्माण कर सकें."

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उन्होंने कहा कि इंसानों के बारे में भी यह सच है, ऐसी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन इंसानों पर इसके एक सीमित क्लीनकल ट्रायल की योजना बन रही थी.

'इंसानों पर असर'

अल्ज़ाइमर रिसर्च का कहना है कि इस उपचार ने चूहों में सीखने और याददाश्त के कुछ पहलुओं को फिर से नौजवान कर दिया है. लेकिन "इंसानों में इसके महत्व की कोई जानकारी नहीं है."

चैरिटी में शोध के निदेशक डॉक्टर एरिक कॉरेन कहते हैं, "हालांकि यह शोध काफ़ी रोचक है, लेकिन यह उस दुर्बलता की पड़ताल नहीं करता जो अल्ज़ाइमर के दौरान देखी जाती है, जो बढ़ती उम्र का एक अनिवार्य कारण नहीं है."

इस बीच, एक अन्य दल ने अपने शोध में बड़े चूहों को छोटे चूहों के रक्त से होने वाले फ़ायदों पर और रौशनी डाली गई है.

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Image caption एक शोध के दौरान बड़े चूहों की रक्त नलिका में सक्रियता देखी गई.

हार्वर्ड विश्वविद्यालय के एक दल मुताबिक चूहों के रक्त में मौजूद एक तत्व ने पहले हृद्य की पेशियों पर बढ़ती उम्र के असर के विपरीत लक्षण प्रदर्शित किए और मस्तिष्क की कोशिकाओं में वृद्धि की.

साइंस में प्रकाशित शोध में पाया गया कि रक्त के तत्वों ने बड़े चूहों में मस्तिष्क कोशिकाओं की वृद्धि को प्रोत्साहित किया औऱ उनके सूंघने की शक्ति को फिर से सक्रिय बना दिया.

इस शोध में यह भी पता चला कि इसी रसायन से बड़े चूहों की मांसपेशियों में मजूबती आई.

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