क्या यौन संक्रमण से होता है प्रॉस्टेट कैंसर?

  • 20 मई 2014
प्रॉस्टैट कैंसर की कोशिकाएं इमेज कॉपीरइट Science Photo Library

वैज्ञानिकों का कहना है कि हो सकता है कि प्रॉस्टेट कैंसर एक यौन संचारित रोग (एसटीडी) हो, जो संभोग के समय संक्रमण की वजह से होता हो.

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसे साबित करने के लिए अभी और प्रमाण की ज़रूरत है.

ब्रिटेन की संस्था कैंसर रिसर्च यूके का कहना है कि हालांकि कुछ कैंसर संक्रमण की वजह से होते हैं. लेकिन इस सूची में प्रॉस्टेट कैंसर को जोड़ना अभी जल्दबाज़ी होगी.

कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इंसानी प्रॉस्टेट कोशिकाओं का प्रयोगशाला में परीक्षण किया.

यौन संक्रमण

इस दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि ट्रीकोमोनियासिस नाम के एक यौन संक्रमण ने कैंसर बढ़ाने में भूमिका निभाई.

प्रोसिडिंग ऑफ़ द नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंस (पीएनएस) नाम की विज्ञान पत्रिका का कहना है कि इसे साबित करने के लिए अभी और शोध किए जाने की ज़रूरत है.

माना जाता है कि दुनियाभर में 27.5 करोड़ लोग ट्रीकोमोनियासिस से संक्रमित हैं. यह विषाणुओं के बिना होने वाला सबसे आम यौन संक्रमण है.

इससे संक्रमित व्यक्ति में इसका कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है. इसलिए उसे इसकी जानकारी नहीं होती.

इससे संक्रमित पुरुष पेशाब करने के बाद या संभोग के दौरान स्खलन के बाद लिंग के अंदर जलन और खुजली महसूस करता है या उसके लिंग से सफेद रंग का तरल पदार्थ निकलता है.

वहीं इससे संक्रमित महिलाओं के जननांगों में खुजली या दर्द, पेशाब करते समय बेचैनी या मछली जैसी दुर्गंध वाले पदार्थ का निकल महसूस कर सकती हैं.

ट्रीकोमोनियासिस और प्रॉस्टेट कैंसर के बीच संबंध बताने वाला यह पहला शोध नहीं है. साल 2009 में हुए एक अध्ययन में पाया गया था कि प्रॉस्टेट कैंसर से पीड़ित एक चौथाई पुरुषों में ट्रीकोमोनियासिस के लक्षण पाए गए. इन लोगों में कैंसर का एडवांस ट्यूमर होने की आशंका थी.

प्रॉस्टेट कैंसर का कारण

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पीएनएस के अध्ययन नें बताया गया है कि यौन संबंध बनाने के दौरान हुआ संक्रमण कैसे पुरुषों में प्रॉस्टेटकैंसर फैलने का ख़तरा बढ़ा सकता है. हालांकि दोनों के बीच संबंध स्थापित करने के लिए यह निश्चित प्रमाण नहीं है.

प्रोफ़ेसर पैट्रिका जॉनसन और उनके सहयोगियों ने पाया कि ट्रिकोमोनियासिस पैदा करने वाला परजीवी ( ट्रिकोमोनस वाजिनालिस) प्रोटीन का स्राव करता है, जो जलन पैदा करता है और प्रॉस्टेट कैंसर की कोशिकाओं में वृद्धि करता है.

उनका कहना है कि इसमें और निश्चितता स्थापित करने के लिए और अध्ययन की ज़रूरत है. ख़ासकर इसलिए भी क्योंकि हमें अभी तक यह भी नहीं पता है कि प्रॉस्टेट कैंसर कैसे होता है.

कैंसर रिसर्च यूके की स्वास्थ्य सूचना अधिकारी निकोला स्मिथ ने कहा, ''इस अध्ययन में एक संभव तरीके़ से यह पता चलता है कि परजीवी ट्रिकोमोनस से एक ऐसे तरव पदार्थ का स्त्राव होता है जिससे जलन होती है और जो इस तरह की कोशिकाओं को बढ़ावा दे सकता है जिसका प्रभाव बाद में ज़ाहिर हो.''

वो कहती हैं, ''यह अध्ययन अभी केवल प्रयोगशाला में हुआ है और पहले के प्रमाण प्रॉस्टेट कैंसर और सामान्य यौन संक्रमण में कोई संबंध स्थापित करने में नाकाम रहे.''

निकोला स्मिथ कहती हैं, ''प्रॉस्टेट कैंसर के ख़तरे के बारे में पता लगाने के लिए बहुत अध्ययन हुए हैं और हम इस पहेली को सुलझाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.''

वो कहती हैं, ''लेकिन जीवनशैली इसका कारण है या नहीं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये कहना कठिन है कि क्या इससे संक्रमण बढ़ सकता है और इन दोनों में कोई संबध है.''

वो कहती है कि उम्र बढ़ने के साथ ही प्रॉस्टेट कैंसर का ख़तरा बढ़ता जाता है.

ब्रिटेन के पुरुषों में प्रॉस्टेट कैंसर बहुत आम है. नौ में से एक पुरुष में इसका पाया जाना आम है. यह 70 साल से अधिक आयु के लोगों में बहुत आम है.

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