गूगल की कार 'ख़ुद' चलेगी लेकिन ट्रेनिंग ज़रूरी

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गूगल की नई स्वचालित कार चलेगी तो ख़ुद से लेकिन फिर भी उसको चलाने के लिए ड्राइवर की ज़रूरत पड़ेगी.

गूगल के इन ड्राइवरों को मशीन को ड्राइविंग सिखानी होगी. अगर ड्राइवर कंप्यूटर के द्वारा कार चलाने में थोड़ा भी असहज महसूस करते हैं तो वे पेडल खींचकर और स्टीयरिंग के सहारे उसे रोक सकते हैं.

इंजीनियर तब कंप्यूटर से जानकारी एकत्रित कर के कार के दिशा-निर्देशों को तय करेंगे.

एक्सीडेंट से अपने आप बचाएगी कार

काल्पनिक ड्राइविंग और मानवीय हस्तक्षेप के बीच तुलना कार के सॉफ्टवेयर को सुधारने में मदद कर सकती है.

सतर्कता

भले ही ड्राइवरों को आपात स्थिति के लिए प्रशिक्षित किया गया है फिर भी उन्हें सतर्क रहना होगा.

वे सबसे पहले प्रशिक्षण ट्रैक पर कार चला कर इस कार की गतिविधियों और सीमाओं को जांचते हैं.

इस बात की संभावना बहुत कम है कि ये कार सड़क पर टकराएगी. लेकिन उदाहरण के लिए अगर ये बर्फ़ से टकराती है तो कंप्यूटर को पता होगा कि इसे कैसे काम करना है.

कंप्यूटर के द्वारा चलाई जाने वाली कार में बैठना कैसा होगा जिसकी पिछली सीट आप बैठे हो और आपकी नियंत्रण में कुछ ना हो.

इस कार के स्वचालन से संबंधित सबसे बड़ी चुनौती इसके सड़क पर चलने के बजाय इसको भीड़-भाड़ वाले इलाके में पार्क करने जैसे मसलों में होती है.

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