एंटी बायोटिक्स सेवन का मोटापा से रिश्ता?

  • 30 सितंबर 2014
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एंटी बायोटिक्स के ज़्यादा सेवन करने पर बच्चों और किशोरों में मोटापे का ख़तरा बढ़ता है.

अमरीकी चिकित्सा वैज्ञानिकों को इस नतीजे के शुरुआती संकेत मिले हैं, हालांकि इस दिशा में अभी गंभीर अध्ययन की जरूरत है.

जर्नल ऑफ़ द अमरीकन मेडिकल एसोसिएशन (जेएएमए) की पेडियाट्रिक्स रिपोर्ट के मुताबिक जिन बच्चों ने दो साल की उम्र तक चार या चार से ज्यादा कोर्स एंटी बायोटिक्स का सेवन किया था, उनमें मोटापा होने की आशंका 10 फ़ीसदी ज़्यादा पाई गई है.

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अमरीका के पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के चिकित्सकों और ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ ने 2001 से 2013 तक 64,500 से ज़्यादा अमरीकी बच्चों पर अध्ययन किया था.

गंभीर अध्ययन की जरूरत

अध्ययन के दौरान बच्चों पर पांच साल की उम्र तक नज़र रखी गई. इनमें 70 फ़ीसदी बच्चों को दो साल की उम्र तक एंटी बायोटिक के दो कोर्स सेवन की सलाह दी गई. इस दौरान जिन बच्चों को एंटी बायोटिक के चार या चार से ज्यादा कोर्स दिए गए उनमें मोटापे का ख़तरा 10 फ़ीसदी ज़्यादा देखा गया.

हालांकि शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी तक एंटी बायोटिक्स के मोटापे से सीधे संबंध के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

इस अध्ययन में ये भी देखा गया है कि एंटी बायोटिक्स के अलग अलग प्रकारों के इस्तेमाल का असर भी भिन्न होता है. मसलन, जिस एंटी बायोटिक्स के सेवन से कई तरह के बैक्टीरिया तेजी से खत्म होते हैं, उससे मोटापा ज़्यादा होता है.

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पेनसेल्वेनिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चार्ल्स बैली ने कहा, "हमारी सोच है कि एंटी बायोटिक्स के इस्तेमाल से कुछ वो बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जो हमारे वजन को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं."

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