मक्खियों के जीनोम से मिलेगी इलाज में मदद

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Image caption घरेलू मक्खियां इंसानों में 100 से ज़्यादा बीमारियों की वाहक होती हैं.

वैज्ञानिकों ने सामान्य मक्खियों के पूरे जीनोम अनुक्रम (गुणसूत्रों की संरचना) का पता लगा लिया है. उनका कहना है कि इस खोज से इंसानी बीमारियों का नया उपचार खोजने में मदद मिलेगी.

घरेलू मक्खियाँ इंसानों में क़रीब 100 तरह की बीमारियों का वाहक होती हैं.

इसमें से एक बीमारी तो इतनी घातक होती है कि इंसान इससे अंधा भी हो सकता है.

इन मक्खियों की एक ख़ासियत है कि वह इंसानों की तरह गंदगी के संपर्क में आने से बीमार नहीं होतीं.

शोध का लाभ

कारनेल विश्वविद्यालय में अमरीकी वैज्ञानिकों की एक टीम ने सामान्य मक्खी के डीएनए की तुलना एक फल वाली मक्खी के साथ किया.

इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसे सूक्ष्म जीन का पता लगाया जिसके कारण मक्खियां अपने गंदगी और तमाम ऐसी जगहों पर बैठने के बाद भी रोगाणुओं से मुक्त रहती हैं.

मक्खियों के जीनोम अनुक्रम से वैज्ञानिकों ने वह विशिष्ट कोड भी खोज निकाला जिसके कारण मक्खियों को अपशिष्ट के विघटन में मदद मिलती है.

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लंदन स्कूल ऑफ़ हाईजीन के प्रोफ़ेस डेविड कॉनवे ने कहा, "मक्खियों के जीनोम अनुक्रम का विश्लेषण देखना सुखद है, फल वाली मक्खियों के साथ इसका तुलनात्मक अध्ययन विस्तृत है."

वहीं डॉक्टर जेफ़ स्कॉट और उनके साथियों ने जीनोम बायोलॉजी जर्नल को बताया कि इससे मानवीय मल के निपटारे और वातावरण को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है.

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