आपकी हँसी के बारे में दस बातें!

हँसी, मुस्कुराहट, खुशी इमेज कॉपीरइट GETTY

जब पहली बार कोई किसी को हँसाता है तो उसे लगता है कि वह फिर ऐसा करे.

वह करता है और पहले से बेहतर करता है. हँसी में ऐसा क्या मजा है.

जाने माने मनोवैज्ञानिक और शौकिया कॉमेडियन प्रोफ़ेसर सोफ़ी स्कॉट हँसी के बारे में दस बातें बताते हैं.

मुमकिन है कि ये बातें आपको पता न होंगी.

चूहे चंचल होते हैं

क्या आप ने चूहों को हँसते हुए देखा है. वे चुटकुलों पर नहीं हँसते हैं. वे जब खेलते हैं, तभी हँसते हैं. आदमी भी कुछ कुछ ऐसा ही करते हैं.

उनकी हँसी बताती है कि वे खुश हैं और वे जितना खेलेंगे, उतना ही हँसेंगे.

आदमी की हँसी भी खेलते हुए आई है. यह कई स्तनपायी जीवों में देखा गया है. वह अपनी भावनाएँ जाहिर करने के लिए हँसता है.

हँसने का मतलब चुटकुला नहीं

बड़ों से पूछिए कि वो किस बात पर हँसते हैं. ज्यादातर कहेंगे कि चुटकुलों पर. लेकिन वे गलत हैं.

यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैरीलैंड के मनोवैज्ञानिक रॉबर्ट प्रोविन कहते हैं कि हम दोस्तों से बातें करते वक्त सबसे ज्यादा हँसते हैं.

किसी बातचीत में हम चुटकुलों पर नहीं हँसते हैं, हम उनकी बातों पर हँसते हैं. हमारा हँसना कोई प्रतिक्रिया देना नहीं होता है बल्कि यह तो एक तरह का संवाद है.

दिमाग़ सब जानता है

इमेज कॉपीरइट Other

अपनी प्रयोगशाला में मैंने बनावटी हँसी और असली मुस्कुराहट के बीच का फ़ासला देखा है. दिमाग़ की तस्वीरें सच बयान करती हैं.

वह सामने वाले की भावनाएं समझने की कोशिश करने में लग जाता है.

प्रयोग से पता चला कि दिमाग़ हमसे पूछे बग़ैर किसी की नक़ली हँसी की पड़ताल करने लग जाता है.

हँसी छूत की बीमारी है

इमेज कॉपीरइट Other

आदमी के दिमाग़ की जांच से यह भी पता चलता है कि हँसी फैलती है.

यहां तक कि जब कोई किसी बेवजह की बात पर भी हँसता है तो इसमें उसका दिमाग़ भी सक्रिय हो जाता है.

और जब कोई किसी और की बात पर हँसता है तो उनकी हँसी के सच्चे या झूठे होने की ख़बर मिलती है.

और जब जवाबी हँसी छूत वाली हँसी से कुछ ज़्यादा हो तो हँसी के पीछे वजह को समझना आसान होता है.

मज़ाक़िया लोगों को आप जानते हैं

इमेज कॉपीरइट Other

कोई ये कहे कि मैं गाजर सूंघ कर बता सकता हूं तो ये कह रहा व्यक्ति अगर आपकी नज़र में मज़ाक़िया है तो आप को ज़्यादा हँसी आएगी.

उस हँसी के केंद्र में आपकी उम्मीदें और हँसा रहे शख़्स से आपका परिचय होता है.

कॉमेडी क्लब में कॉमेडियन अक्सर दर्शकों के एनर्जी लेवल से अपना तारतम्य इसी तरह मिलाते हैं.

हँसी आपको फ़िट नहीं बनाती

इमेज कॉपीरइट Other

इंटरनेट पर आपको इस तरह के कई दावे दिख जाएंगे जिनमें हँसी को आपकी सेहत के लिए फ़ायदेमंद बताए गए हैं.

लेकिन अफ़सोस कि ये सच नहीं है पर दौड़ने की तुलना में हँसने से कहीं ज़्यादा कैलोरी ख़र्च होती है.

हँसना हमारी धड़कनों की रफ़्तार 10 से 40 फ़ीसदी तक बढ़ा देता है और इससे ऊर्जा की खपत भी तेज़ी से होती है लेकिन नमकीन कुरकुरे की एक पैकेट से मिली ऊर्जा को ख़र्च करने के लिए आपको तीन घंटे तक ठहाके लगाने होंगे.

हँसने से रिश्ते मजबूत होते हैं

इमेज कॉपीरइट Other

मनोवैज्ञानिक प्रोफेसर बॉब लेवेंसन ने कुछ जोड़ों को किसी संवेदनशील मसले पर ऐसी बातें करने के लिए कहा जो उनके साथी का मूड ख़राब कर दे.

लेकिन जिन जोड़ों ने अपनी बात हँसते हुए कही, वे ज़्यादा ख़ुश दिखे.

इससे पता चलता है कि हँसी वो भावना है जिसका इस्तेमाल हम अपने क़रीबी लोगों को ख़ुश रखने के लिए करते हैं.

हँसी को एक लम्हे की जरूरत होती है

इमेज कॉपीरइट Other

किसी की बातचीत में आपने देखा होगा कि लोग अक्सर अपनी बात खत्म करने के लिए हँसी का सहारा लेते हैं.

इशारों में बात कर रहे लोग भी इसका सहारा लेते हैं. ये जानते हुए भी कि वे अगर चाहें तो पूरी बातचीत में ख़ामोशी के साथ मुस्कुराते हुए रह सकते हैं.

हँसना किसी को खींचना है

इमेज कॉपीरइट Other

क्या आप जब बिस्तर पर हों तो साथी पर हँस सकते हैं.

एक अध्ययन में यह पाया गया था कि औरत और मर्द के बीच होने वाली तमाम बातों में हँसी मज़ाक़ सबसे ज़्यादा बार दोहराया जाता है.

एक और शोध में यह कहा गया कि हम अजबनियों को भी इसी आधार पर आँकते हैं कि वह हमारे किसी चुटकुले पर किस तरह से हँसते हैं.

कुछ चीज़ों पर हम हँसते ही हैं

किसी कॉमेडियन ने ऐसा कोई चुटकुला नहीं खोजा जिस पर सारी दुनिया में हँसा जाता है.

हमने अपने लैब में कुछ लोगों को वो वीडियो क्लिप्स दिखाएँ जिनमें वे ऐसी किसी बात पर हँसी रोकने की कोशिश कर रहे थे, जहां हँसी आना लाज़िम था कि वो हँस पड़े.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार