खारी ज़मीन में भी पैदा होगा आलू

आलू

नीदरलैंड में शोधकर्ताओं की एक टीम ने नमक युक्त ज़मीन पर भी पैदा होने वाला आलू बनाया है.

उनका मानना है कि इससे दुनिया भर में खाद्य पदार्थों के उत्पादन में क्रांति आ जाएगी.

कई देश खेती की ज़मीन को नमक रहित बनाने में दसियों लाख डॉलर खर्च करते हैं, ताकि जोत की ज़मीन को फसल पैदा करने के लायक बनाया जा सके.

नीदरलैंड में प्रयोग के तौर पर शोधकर्ताओं ने नमकयुक्त ज़मीन में आलू पैदा करके दिखाया है. यह प्रयोग नीदरलैंड के टेक्सेल में किया गया है.

शोधकर्ता अर्जेन डी वोस का कहना है,"पहले साल में ही हमें इसमें सफलता मिल गई थी. लेकिन हमने किसी को बताया नहीं. हमें लगा कि जरूर हम कुछ ग़लत कर रहे हैं. यह संभव नहीं है कि नमक वाली ज़मीन पर इतने अच्छे से आलू पैदा हो सकता है, जबकि दुनिया यह नहीं मानती है."

उम्मीद

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अर्जेन अब नमयुक्त ज़मीन पर अन्य फलों और सब्जियों की पैदावार का परीक्षण करने जा रहे हैं.

नीदरलैंड में आलू का बहुत बड़ा बाज़ार है. पैदावार के लिहाज से नीदरलैंड में आलू तीसरी सबसे बड़ी फसल है.

छह टन यह आलू पाकिस्तान भेजा गया है. पाकिस्तान के सिंध प्रांत में इस आलू को रोपा जा रहा है.

पृथ्वी का 70 फ़ीसदी हिस्सा समुद्र से घिरा हुआ है. दुनिया भर में 25 करोड़ लोग नमक प्रभावित ज़मीन वाले क्षेत्र में रहते हैं.

शोधकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि इससे बेकार पड़ी ज़मीन पर फसल उगाने में मदद मिलेगी. इसकी संभावनाएं वाकई में उम्मीद जगाने वाली हैं.

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