ऐप कहे 'बी माई आईज़' प्लीज़!

दृष्टिबाधितों की मदद के लिए अब एक नया वीडियोलिंक ऐप आया है. इसका नाम है, 'बी माई आइज़'.

'बी माई आइज़' एक ऐसा आईफ़ोन ऐप है जो वीडियोचैट सर्विस की मदद से दृष्टिबाधित यानि 'यूज़र' को आम व्यक्ति यानि 'हेल्पर' से जोड़ता है.

ऐप पर लाइव वीडियो कनेक्शन होने के कारण 'यूज़र' साइनअप करके 'हेल्पर' से मदद लेना बेहद आसान हो जाता है.

'बी माई आइज़' वीडियो ऐप को बनाया है डेनमार्क के हैंस जॉर्गन वीबर्ग ने. ये एक ऐसा फ्री ऐप है जिसे कोपनहेगन में विकसित किया गया है.

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हैंस जॉर्गन वीबर्ग बताते हैं कि यूज़र घर ही नहीं बाहर भी इस ऐससप की मदद ले सकते हैं.

उन्होंने बताया कि यदि किसी यूज़र को बस से उतरकर किसी ख़ास बिल्डिंग में जाना हो और दरवाज़ा ना मिले तो वह बी माइ आइज़ की मदद से आख़िरी 20 मीटर के भीतर हेल्पर से संपर्क कर सकता है.

मुफ़्त और सुरक्षित

'बी माई आइज़' वीडियो ऐप के निर्माता वीबर्ग बताते हैं कि 'बी माई आइज़' को लोगों ने हाथों हाथ लिया है.

वे बताते हैं, "हमने इसे 12 दिन पहले शुरू किया था और अब तक हमारे पास दुनिया भर के 99,000 लोग हेल्पर के रूप में आगे आए हैं."

'बी माई आइज़' की तकनीक का इस्तेमाल अब तक 8,000 दृष्टिबाधित कर चुके हैं.

ये पहली बार संभव हुआ है कि दृष्टिबाधितों की मदद के लिए लाइव वीडियो चैट की मदद ली जा सकती है. अब तक उनकी मदद के लिए केवल ऑनलाइन टॉकिंग स्क्रीनरीडर सॉफ्टवेयर ही उपलब्ध था.

फाउंडर वीबर्ग का कहना है कि इस एप्प का सबसे शानदार फ़ीचर ये है कि इसमें ज़रूरतमंद को किसी से सहायता के लिए पुकार नहीं लगानी पड़ती बल्कि मदद करने के इच्छुक लोग ख़ुद आगे आते हैं.

‘बी माई आईज़’ एप्प एकदम फ्री है और इसे तीन लाख डालर के दान की राशि से बनाया गया है.

इसकी एक और ख़ासियत ये है कि ये ऐप बेहद सुरक्षित है क्योंकि ये यूज़र या हेल्पर किसी के भी लोकेशन की जानकारी नहीं देता.

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