एक दूसरे पर नज़र रखें डॉक्टर

  • 19 फरवरी 2015
एंटीबायटिक का प्रयोग बढ़ रहा है-एसपीएल इमेज कॉपीरइट spl

इंग्लैंड के नेशनल इंस्टीट्यूट फ़ॉर हेल्थ एंड केयर एक्सेलेंस ने सुझाव दिया है कि डॉक्टर अपने मरीज़ों को ज़रूरत से ज़्यादा एंटीबायटिक लेने की सलाह न दें.

साथ ही निर्देश दिया कि वे अपने सहकर्मियों पर भी नज़र रखें ताकि एंटीबायटिक का बढ़ता इस्तेमाल रोका जा सके.

इंस्टीट्यूट के निर्देशों में कहा गया है कि अगर मरीज़ बहुत ज़्यादा ज़ोर दे तो भी डॉक्टरों को एंटीबायटिक देने से परहेज़ करना चाहिए. ये दिशानिर्देश इसलिए दिए गए हैं ताकि मरीज़ों में बढ़ते एंटीमाइक्रोबायल प्रतिरोध की समस्या से निपटा जा सके.

बढ़ती आदत

इमेज कॉपीरइट spl
Image caption एंटीबायटिक का ज़्यादा इस्तेमाल शरीर को दवाओं के लिए प्रतिरोधी बना देता है.

आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्ष में एंटीबायटिक प्रिस्क्रिप्शन में छह प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है. इनमें लगभग आधे ग़ैरज़रूरी थे. एंटीबायटिक के नियमित इस्तेमाल से मरीज़ का शरीर कुछ दवाओं के प्रति प्रभाव शून्य हो जाता है.

यही वजह है कि इंग्लैंड में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी रखने वाली इस संस्था ने नए निर्देश जारी किए हैं. ये निर्देश हैं -

- डॉक्टर अपने सहकर्मियों पर नज़र रखें कि वे कहीं ज़रूरत से ज़्यादा एंटीबायटिक तो नहीं दे रहे.

- डॉक्टर अपने मरीज़ से एंटीबायटिक के लिए मना करना सीखें और उनकी सेहत की निगरानी पर ज़्यादा वक़्त दें.

- अगर एंटीबायटिक न देने के कुछ समय बाद तक तबीयत नहीं सुधरती, तभी एंटीबायटिक दें.

- डॉक्टर, उनका दल और फ़ार्मासिस्ट मिलकर उन मरीज़ों को एंटीबायटिक न लेने के लिए प्रेरित करें जो छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए एंटीबायटिक की मांग करते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार