राजेंद्र सिंह को मिला शीर्ष सम्मान

  • 22 मार्च 2015
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भारत के 'वॉटर मैन' राजेंद्र सिंह को 'स्टॉकहोम वॉटर प्राइज़' से नवाज़ा गया है.

इस सम्मान को 'पानी के लिए नोबेल पुरस्कार' के तौर पर भी जाना जाता है.

'स्टॉकहोम वॉटर प्राइज़' समिति के निर्णायकों का कहना है कि राजेंद्र सिंह की जल-संचय पद्धति से बाढ़ और मिट्टी के अपरदन का ख़तरा कम हुआ है जिससे वन्य जीवन को भी लाभ पहुंचा है.

निर्णायकों का ये भी कहना है कि राजेंद्र सिंह के तौर-तरीक़े आसान और सस्ते हैं जिन्हें सारी दुनिया में अपनाया जाना चाहिए.

क्या है तरीक़ा

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राजेंद्र सिंह ने बारिश के पानी को धरती के भीतर पहुंचाने की प्राचीन भारतीय पद्धति को ही आधुनिक तरीके से अपनाया है.

इसमें छोटे-छोटे पोखरों का निर्माण किया जाता है जो बारिश के पानी से लबालब भर जाते हैं जिसे धरती धीरे-धीरे सोख लेती है.

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राजेंद्र सिंह कहते हैं, ''जब हमने काम शुरू किया था, तब हमारा ध्यान सिर्फ पेयजल की ज़रूरत पूरी करने पर था. लेकिन अब हमारा काम काफी बढ़ गया है.''

राजेंद्र सिंह प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन और बढ़ते प्रदूषण को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराते हैं.

स्टॉकहोम इंटरनेशनल वॉटर इंस्टीट्यूट का कहना है कि राजेंद्र सिंह की बात को समझने की ज़रूरत है क्योंकि सारी दुनिया में मौसम का मिजाज़ बदल रहा है.

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