फेफड़े के कैंसर के इलाज में 'नई उम्मीद'

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फेफड़े के कैंसर के कुछ मरीजों में नाइवोलूमैब नाम की दवाई से जिंदा रहने की संभावित उम्र दोगुना होती देखी गई है.

नाइवोलूमैब शरीर के अंदर प्रतिरोधक क्षमता को कायम रखकर कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकती है.

शरीर की प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण से शरीर का बचाव करती है लेकिन प्रतिरोधकता में खराबी आने के बाद शरीर के दूसरे भागों पर इसका बुरा असर होता है.

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कैंसर के मामले में ऐसा ही होता है. यह परिणाम 582 लोगों पर अध्ययन के बाद निकला है.

इस अध्ययन को अमरीकन सोसायटी ऑफ़ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रस्तुत करते हुए 'मरीजों के लिए वास्तविक उम्मीद' बताया गया है.

हर साल फेफड़े के कैंसर से दुनिया भर में 16 लाख लोग मारे जाते हैं.

फेफड़े के कैंसर का इलाज मुश्किल होता है क्योंकि अक्सर इसका देर से पता चलता है और कई लोगों की सर्जरी भी संभव नहीं होती.

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