गिरगिट की तरह छिपना होगा आसान

  • 27 जून 2015
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गिरगिट के रंग बदलने से प्रेरित होकर फ़्लोरिडा के वैज्ञानिकों की एक टीम ने पूरी तरह रंग बदलने में सक्षम एक रंग बनाया है.

इसको बनाने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि सैनिक इसकी मदद से ख़ुद को छिपाने वाला आवरण अचानक बदल सकते हैं.

इसके अलावा इसका इस्तेमाल, सामान्य कपड़ों को रंग बदलने लायक बनाने या कम बिजली से चलने वाले ई-रीडर स्क्रीन बनाने में भी हो सकता है.

असल में रंग बदलने की यह क्षमता वोल्टेज में आए उतार चढ़ाव से हासिल की जाती है.

इस तकनीक को विकसित करने के लिए टीम को तीन लाख डॉलर (करीब एक करोड़ नब्बे लाख रुपये) का अनुदान दिया गया है.

सेंट्रल फ़्लोरिडा विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर, देबाशीष चंदा ने बीबीसी को बताया, “आप ऐसी लचीली सतह बनाते हैं जो कुछ प्रकाश सोखती हो और बाकी को परावर्तित कर देती हो.”

वो आगे बताते हैं, “अगर हम कुछ खास रंगों को सोखने की क्षमता विकसित करें तो बाकी बचा प्रकाश कुछ और रंग देने का भ्रम पैदा करता है.”

'लचीला डिसप्ले'

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प्रोफ़ेसर चंदा ने बताया कि डिसप्ले के लिए ज़रूरी वोल्टेज इतना कम होता है कि वो सुरक्षित होता है.

उन्होंने कहा, “हम कई बैटरियां लेकर चलते हैं. आपके जेब में मोबाइल फ़ोन होता है, जिसमें एक छोटी बैटरी होती है जो ख़तरनाक़ नहीं होती है.”

वो कहते हैं, “ठीक इसी तरह एक छोटी सी बैटरी इस पूरी प्रक्रिया के लिए काफ़ी होगी.”

इक तकनीक का पहले भी इस्तेमाल हो चुका है लेकिन उससे बहुत कम रंग उभारे जा सकते थे.

प्रोफ़ेसर चंदा ने बताया कि उनकी तकनीक लाल, हरा और नीले रंग के पूरे सम्मिश्रण वाले रंग पैदा करती है.

वो कहते हैं, “एलसीडी, एलईडी और सीआरटी जैसे डिसप्ले भारी भरकम और जल्द टूटने वाले होते हैं.”

लेकिन यह डिसप्ले इंसान के बाल से भी महीन और हल्का होगा.

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