4जी की 10 बातें जो आपको जाननी चाहिए

  • 19 सितंबर 2015
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ढ़ेर सारे विज्ञापनों के साथ एअरटेल की 4जी सेवा शुरू होने के बाद भारत के इंटरनेट यूज़र्स के मन में कई सवाल उठ रहे हैं.

जैसे कि यह कितना तेज़ होगा, कितना महंगा होगा, कहां-कहां मिलेगा, कैसे चलेगा आदि.

जानिए इनमें से दस मुख्य सवालों के जवाब.

1: 4जी सचमुच कितना तेज़ है?

अगर आप भारत में 4जी कनेक्शन लेते हैं तो आपको 3जी के मुक़ाबले बहुत बेहतर स्पीड मिलेगी.

गुड़गांव में मुझे 4जी पर 6-8 एमबीपीएस की स्पीड मिली, जबकि एयरटेल के ही 3जी पर 1-3 एमबीपीएस की मिलती थी.

लेकिन जैसे-जैसे लोग 4जी का इस्तेमाल बढ़ाएंगे वैसे-वैसे इसकी स्पीड कम होती जाएगी, ख़ासकर दिल्ली जैसे व्यस्त शहरों में. ऐसा ही 3जी के साथ भी हुआ था.

2: क्या इस पर पैसा ख़र्च करें?

अगर आप अपने मोबाइल से इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं तो 4जी पर पैसा ख़र्च करना अच्छा हो सकता है, ख़ासकर जबकि यह 3जी की क़ीमत में मिल रहा है.

हालांकि बाद में इसकी दर बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इसकी आशंका कम है. इसकी वजह यह है कि प्रतियोगिता बहुत बढ़ गई है.

4जी बहुत शानदार पोर्टेबल ब्रॉडबैंड भी है और 4जी डोंगल के साथ घर में इस्तेमाल के लिए अस्थाई विकल्प भी बनता है.

3: क्या यह महंगा पड़ेगा?

हालांकि एयरटेल ने 4जी की दर को 3जी के समान ही रखा है, लेकिन आप ज़्यादा ख़र्च कर सकते हैं. इसमें डाटा ज़्यादा तेज़ी से इस्तेमाल होता है.

आप 4जी में ज़्यादा वीडियो देख सकते हैं. ये 3जी के मुकाबले यह ज़्यादा बेहतर क्वालिटी के होते हैं और आसानी से चलते हैं.

आप वाट्सऐप या ईमेल पर ज़्यादा तेज़ी से तस्वीरें डाउनलोड कर सकते हैं.

4: क्या मेरा हैंडसेट इसे सपोर्ट करेगा?

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अगर आपने इसी साल फ़ोन ख़रीदा है तो उम्मीद है कि यह 4जी को सपोर्ट करेगा.

लेकिन यह आपके ऑपरेटर के 4जी नेटवर्क पर काम करेगा या नहीं, यह जानने के लिए आपको अपने ऑपरेटर से पूछना होगा. एयरटेल के लिए आप उनकी वेबसाइट पर अपना नंबर डालकर पता कर सकते हैं.

इस समय बाज़ार में बहुत से 4जी हैंडसेट हैं. इनमें सैमसंग, मोटोरोला, माइक्रोमैक्स, शियोमी और अन्य कंपनियां के फ़ोन हैं. इनमें से कुछ तो 10,000 रुपये से कम क़ीमत के हैं.

अगर आपका हैंडसैट आपके ऑपरेटर के 4जी पर काम नहीं करता तो इसे 3जी पर काम करना चाहिए.

5: क्या बेहतर ऑफ़र का इंतज़ार करना चाहिए?

4जी कनेक्शन को लेने का यह अच्छा समय है. एयरटेल 4जी मोबाइल यूज़र्स को कई उपहार भी दे रही है, मसलन, असीमित वॉयस कॉल्स, मूवीज़ और म्यूज़िक का बंडल. इसके अलावा इसके विंक (Wynk) मोबाइल ऐप पर आप 25,000 फ़िल्में और 18 लाख गाने स्ट्रीम कर सकते हैं.

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इसका ई-रिटेलर फ़्लिपकार्ट के साथ समझौता भी है. वहां आप किसी ब्रांड का हैंडसेट ख़रीदते हैं तो आपको एयरटेल का 4जी सिम साथ मिलता है.

6: मेरे शहर में 4जी काम करेगा?

मुंबई और गुड़गांव जैसे कई बड़े और व्यस्त शहरों में कवरेज एक समान नहीं होती. कई जगहों पर पर्याप्त मोबाइल टॉवर भी नहीं हैं.

दिल्ली में नगर निगमों ने बहुत से मोबाइल टॉवर हटा दिए हैं. वहा कुछ जगह मोबाइल कवरेज बहुत गड़बड़ हो गई है और लगातार कॉल ड्रॉप्स होती हैं.

पर यह समस्या 4जी तक सीमित नहीं है.

7: भारत में पहली 4जी सर्विस कौन सी थी?

अगस्त 2015 तक 296 शहरों और कस्बों में 4जी मोबाइल सर्विस शुरू करके एयरटेल साफ तौर पर रिलायंस जियो और वोडाफ़ोन से आगे निकल गया है.

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एयरटेल ही पहली कंपनी है जिसने 2012 में कोलकाता में 'ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस' के लिए पहली 4जी सर्विस शुरू की थी. इसी कंपनी ने फ़रवरी, 2014 में बैंगलुरु में पहली बार 4जी सेवा शुरू की थी.

अगस्त 2014 तक एक अन्य ऑपरेटर एयरसेल ने छह राज्यों में 4जी (ग़ैर मोबाइल) ब्रॉडबैंड सेवा शुरू की थी.

8: कौन कंपनियां 4जी सर्विस शुरू कर रही हैं?

मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो दिसंबर में 4जी सेवा ज़ोर-शोर से शुरु करने की योजना बना रही है.

इसने पांच साल में उपकरणों और टॉवर स्थापित करने में 14 अरब डॉलर यानी तक़रीबन 9.20 खरब रुपए से ज़्यादा ख़र्च किए हैं. दूसरी ओर, एयरटेल ने बीते 20 साल में उपकरणों पर 15 अरब डॉलर यानी 9.86 खरब रुपए से ज़्यादा ख़र्च किए हैं.

इसके अलावा इसी वित्त वर्ष में वोडाफ़ोन और आइडिया भी अपनी 4जी सर्विस शुरू करेंगे.

9: भारत किस तरह का 4जी इस्तेमाल करता है?

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भारत एलटीई नाम की तकनीक का इस्तेमाल करता है जो 4जी के लिए 2300 मेगाहर्ट्ज़ फ़्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम पर काम करता है.

एलटीई पहली बार 2009 में यूरोप में इस्तेमाल की गई थी. एक अन्य तकनीक वाइमैक्स बहुत अच्छी तरह नहीं चली और अब कुछ ही देशों में इसे इस्तेमाल किया जाता है.

10:पैसा बचाने का सबसे अच्छा तरीक़ा क्या है?

चूंकि 4जी बहुत तेज़ है इसलिए आपको लालच होता है कि आप ज़्यादा तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड कर लें.

इससे बचना ही ठीक रहेगा. उदाहरण के लिए वॉट्सऐप पर 'ऑटोडाउनलोड मीडिया' विकल्प को मोबाइल डाटा पर बंद रखना चाहिए. इसके साथ ही 'मोबाइल डाटा रोमिंग' सेटिंग को भी ऑफ़ ही रखें.

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इसके साथ ही कोशिश करें कि जब भी संभव हो तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड करने के लिए वाई-फ़ाई का इस्तेमाल करें.

रिलायंस जियो और दूसरी कंपनियों की 4जी सेवाएं बढ़ने के साथ ही सार्वजनिक वाई-फ़ाई हॉटस्पॉट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी.

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