विश्व कप के कारण जन्मे 'ज़्यादा लड़के'?

  • 7 नवंबर 2015
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एक अध्ययन के मुताबिक 2010 में आयोजित विश्व कप के 9 महीनों बाद यह पाया गया कि दक्षिण अफ्रीका में अधिक लड़के पैदा हुए हैं.

अर्ली ह्यूमन डेवेलेप्मेंट जर्नल के अनुसार साल 2003 से 2014 के बीच देश में पैदा होने वाले लड़कों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई.

शोधकर्ताओं का मानना है कि विश्व कप के दौरान लोग आराम कर रहे थे और शायद उन्होंने अधिक संभोग किया.

स्टडी का हिस्सा रहे विटवाटर्जरैंड विश्वविद्यालय के डॉ. ग्विनाई मासुकुमे ने बीबीसी वर्ल्ड सर्विस को बताया कि ''विश्व कप कै दौरान लोगों में तनाव कम था, लोग खुश थे, इस पर कई शोधपत्र भी प्रकाशित हुए हैं जिनमें कहा गया है कि लोगों में एक दूसरे के प्रति, अपना प्रति और देश के प्रति अच्छी भावना थी.''

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''हो सकता है कि इस समय लोगों ने अधिक संभोग किया हो. हमें यह पता है कि यदि लोग अधिक संभोग करें तो इस बात की ज़्यादा संभावनाएं होती हैं कि लड़कियों के मुक़ाबले अधिक सड़के पैदा हों.''

इस स्टडी में बताया गया है कि विश्व कप के 9 महीने बाद पैदा होने वाले बच्चों में लड़कों का अनुपात 0.5063 प्रतिशत था. साल 2003 से 2012 के बीच यह अनुपात 0.5029 प्रतिशत था, यानि कि खेलों के दौरान 1088 अधिक सड़के जन्मे.

शोधकर्ताओं का आकलन है कि इसका कारण पुरुष शुक्राणु की उच्च गतिशीलता, अधिक संभोग या गर्भ में कम नर भ्रूण की मौत भी हो सकते हैं. इनका कहना है ''यह कोई मौसमी परिवर्तन या चांस नहीं हो सकता.''

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शेफील्ड विश्वविद्यालय में एंड्रोलोजी के प्रोफेसर एलन पेसी कहते हैं कि हमें पता है कि मिलिटरी कारण या प्राकृतिक आपदा जैसे बाहरी कारणों से भी इस तरह के छोटे बदलाव आ सकते हैं.

वे कहते हैं, इसे समझाने वाले अनुमानों के अनुसार हो सकता है कि उस दौरान पुरुषों में वाई क्रोमोसोम की संख्या अधिक हो या महिलाओं के शरीर में कुछ ऐसे तरीक़ा हो कि अंडकोष तक केवल एक्स या वाई क्रोमोसोम ही पहुंचे.

वे कहते हैं ''लेकिन ये तो जैविक प्रक्रिया है, कोई नहीं जानता कि किस कारण से एसे बदलाव आया कि लड़के अधिक पैदा हुए.''

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