डेटा की बदौलत बनेंगे अब तानाशाह?

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कई देशों में इस बात को लेकर बहस जारी है कि अपने देश के नागरिकों पर किस हद तक निगरानी रखने की इजाज़त सरकार को दी जानी चाहिए.

लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जहां नागरिकों के बारे में इकट्ठा किए गए डेटा की मदद से तानाशाह बनने की संभावना क़ायम है.

पूर्वी जर्मनी की सुरक्षा एजेंसी तासी का मुख्यालय अपने हज़ारों फाइलों के लिए मशहूर है. इन फाइलों में पूर्व कम्युनिस्ट शासन के वक्त के नागरिकों की जानकारियां रखी गई हैं.

तासी का मकसद अपने सभी नागरिकों पर नज़र रखना था.

इस मुख्यालय का एक हिस्सा अब संग्राहलय बन चुका है.

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ऑफिस के कोरिडोर में एक शुरुआती दौर का कंप्यूटर पड़ा है जो किसी सिलाई मशीन की तरह दिखता है और किसी फ़ुटबॉल के आकार का डिस्क रखा है जिसमें बहुत कम डेटा स्टोर किया जा सकता है.

इसमें स्टोर किया गया डेटा अब एक छोटे से यूएसबी में समा सकता है.

स्टीफन कोनोपात्ज़की जो कि तासी के अतीत के बारे में बताते हैं, "मुझे लगता है कि उन लोगों ने पहले ही यह बात महसूस कर ली थी कि बिना तकनीक की मदद से सिर्फ कर्मचारियों की बदौलत नागरिकों की निगरानी संभव नहीं है."

लेकिन 70-80 के दशक में इतनी उन्नत तकनीक मौजूद नहीं थी और 1989 में बर्लिन की दीवार गिरने के साथ ही तासी का अस्तित्व भी नहीं रहा है.

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लेकिन जैसे ही हम एक ऐसी दुनिया में प्रवेश करते हैं जहां बड़े पैमाने पर डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है और कंप्यूटर बहुत कुछ करने में संभव है तब तकनीक की मदद से आज और कल के तासी इस दिशा में काफी कुछ कर सकते हैं.

इसे अक्सर 'बड़े डेटा' की दुनिया के रूप में बताया जाता है.

अगस्त 1991 में सोवियत संघ में फ़ौजी तख्तापलट की कोशिश खत्म होते ही रूस में साम्यवाद का पूरी तरह से पतन हो गया था. ठीक इसी वक्त एक ऐसी ही बड़ी घटना घटी वो थी वर्ल्ड वाइड वेब (डब्लूडब्लूडब्लू) का लॉच होना.

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हालांकि कुछ लोगों ने इसकी महत्ता को समझा भी था. यह एक नई युग की शुरुआत थी जिसमें सूचनाओं का मुक्त प्रवाह सूचनाओं के एकाधिकारवाद को बहा ले गया.

लेकिन कुछ जगहों पर तासी जैसे सपने भी फिर से जग गए.

इंटरनेट पर नियंत्रण रखने की रूसी कोशिश पर लिखी गई किताब 'द रेड वेब' के लेखक अंद्रेई सोल्दातोव का कहना है, "हमने जब केजीबी के लोगों से तासी और केजीबी के बीच तकनीकी सहयोग के बारे में पूछा तो सबने कहा कि वे तासी से प्रभावित हैं."

1991 में रूसी सरकार केवल 300 फोनलाइन को जोड़कर सुनने में सक्षम थी लेकिन डिजिटल दुनिया के शुरू होते रूसी अधिकारी इसका फ़ायदा उठाने के रास्ते तलाशने लगे.

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ऑक्सफोर्ड इंटरनेट इंस्टीट्यूट के कंप्यूटर वैज्ञानिक ताहा यासेरी का कहना है, "सोशल मीडिया ने समाज की निगरानी का काम आसान बना दिया है."

पिछले साल हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने आंदोलन को मजबूत करने के लिए कर रहे थे.

तभी कुछ लोगों को एक संदेश मिला जिसमें मदद के मकसद से एक नया ऐप डाउनलोड करने को कहा गया था.

ऐसा मानना है कि कार्यकर्ताओं ने वाकई में इस संदेश के बाद एक स्पाईवेयर डाउनलोड कर लिया था जिसकी मदद से उन्हें आने वाले संदेशों और उनके मौजूद होने की जगह का पता चीन में मौजूद ऐप के संचालनकर्ताओं को पता चल जाता था.

पहले सरकारों को निगरानी रखने के लिए अपनी तकनीक विकसित करने की जरूरत पड़ती थी लेकिन अब तकनीक का व्यवसायीकरण हो चुका है और वे इनकी सेवा ले रहे हैं.

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कंपनियां कंप्यूटर सिस्टम की सुरक्षा प्रणाली भेदने की संभावनाओं पर काम करती हैं और उन्हें सरकारों को इस्तेमाल करने के लिए बेच देती है.

इसके अलावा कुछ कंपनियां सुदूर क्षेत्रों में निगरानी रखने की तकनीक भी बेचा करती है.

निगरानी रखने की तकनीक से संबंधित ऐसी ही एक कंपनी है द हैकिंग टीम. यह दुनिया भर की सरकारों को अपनी सेवा देते हैं.

इसके मुख्य मार्केटिंग अधिकारी एरीक रेब का कहना है कि कंपनी 50 देशों में अपनी सेवा देती है. अमूमन चोरी छिपे एक सॉफ्टवेयर टारगेट कंप्यूटर या फोन में डाल दिया जाता है ताकि उस पर निगरानी रखी जा सके.

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एरीक रेब ने बताया कि हैकिंग टीम ने एक बार इथोपियाई सरकार को भी सेवा दी है.

ताहा यासेरी ने कहा, "हालांकि हम सोचते हैं कि हम अपने व्यवहार में काफी रचनात्मक है लेकिन डेटा बताते हैं कि हमारा व्यवहार काफी दोहराया गया और पकड़ में आने वाला होता है. एकत्रित किए गए डेटा, गणितीय मॉडल और कंप्यूटर एल्गोरिदम की मदद से सरकारें और कंपनियां हमारे व्यवहार का अंदाजा लगा सकती हैं."

कुछ लोगों का मानना है कि नई तकनीक जैसे एन्क्रिप्शन और यंत्रों की स्थिति अज्ञात करने वाले तकनीक आख़िरकार कार्यकर्ताओं और स्वतंत्रता की सुरक्षा करेंगी.

तो क्या डेटा का बड़ा जखीरा किसी उस देश को बिग ब्रदर वाली स्थिति में पहुंचा देगा?

जरूरी नहीं है कि सभी देशों में ऐसा हो लेकिन दुनिया के कई देशों में डेटा का दबदबा कायम हो सकता है जिसका सिर्फ सपना ही तासी देख सके थे.

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