मिलिए कुत्ते के पहले 'टेस्ट ट्यूब पपी' से

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कई वर्षों के प्रयास के बाद वैज्ञानिक पहला टेस्ट ट्यूब पपी पैदा करने में सफल हुए हैं.

अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने लुप्त हो रही कुत्तों की नस्ल को बचाने के लिए कृत्रिम प्रजनन प्रणाली (आईवीएफ) तकनीक की मदद ली है.

आईवीएफ तकनीक से सात बीगल और एक मिश्रित प्रजाति वाले बीगल-कॉकर स्पेनियल कुत्ते के इन बच्चों का जन्म इस साल जून में ही हुआ है.

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इस हफ्ते 'साइंस' पत्रिका में इस शोध के छपने तक इस ख़बर को गोपनीय रखा गया था.

कॉरनेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि इस आईवीएफ तकनीक से इंसान और जानवरों की वंशानुगत बीमारियों का तोड़ निकाला जा सकेगा.

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अमरीका में हुए इस शोध में सबसे पहले फ्रोज़न भ्रूण को मादा कुत्ते के गर्भ में डाला गया. ये वही तकनीक है जिसका प्रयोग इंसानों के लिए किया जाता है.

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प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर एलेक्स ट्राविस का कहना है, "कुत्ते के बच्चे सेहतमंद पैदा हुए हैं. 70 के दशक के मध्य से ही कुत्तों पर आईवीएफ तकनीक के इस्तेमाल की कोशिश की जा रही थी जो असफल रही थी.''

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