जब लकवे वाले हाथ ने झनझनाया गिटार

अमरीका में एक आदमी जिनकी गर्दन से निचले हिस्से को लकवा मार चुका था, अपनी उंगलियां चलाने में कामयाब हो गए हैं.

ओहियो के 24 साल के इयान बुरखार्ट करीब छह साल पहले एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

रीढ़ की हड्डी में लगी चोट के कारण उनके मस्तिष्क से निकलने वाले संकेत बाकी शरीर तक नहीं पहुंच पा रहे थे. उनकी कोहनी के नीचे का पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो गया था. वे न तो चल पाते थे और न ही अपने हाथ हिला पाते थे.

इमेज कॉपीरइट Ian Burkhart

उनकी मदद के लिए ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी आगे आई.

स्नायु तंत्र की गतिविधि को भांपने के लिए उनके दिमाग के भीतर एक सेंसर लगाया गया. फिर मस्तिष्क के अनगिनत संकेतों को समझने के लिए एक खास कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया गया.

इयान के दाएं हाथ पर 130 इलेक्ट्रोड्स वाली पट्टी लगाई गई जिससे उनकी मांसपेशियों में हरकत हो सके.

इमेज कॉपीरइट Ohio State University Batelle

उन्हें लगाई गई चिप कंप्यूटर की मदद से दिमाग के संकेतों को पढ़ती है और फिर उंगलियों में हरकत के लिए उनकी मांसपेशियों में विद्युतीय तरंग भेजती है.

अब वे बड़ी चीजों को पकड़ सकते हैं. यहां तक कि क्रेडिट कार्ड भी स्वाइप कर लेते हैं.

इयान ने बताया, "जब उन्होंने सेशन शुरू किया तो ये मेरे लिए सात घंटे की परीक्षा की तरह था. सेशन के बाद वे मानसिक तौर पर पूरी तरह थक जाते थे. हालांकि अब अभ्यास के बाद वो नई हरकतों को ज्यादा तेज़ी से सीख रहे हैं."

उनके मस्तिष्क में चिप लगाने वाले डॉक्टर अली रेज़ाई कहते हैं, "मुझे खुशी है कि इस तकनीक की मदद से इयान में काफी सुधार आया है."

डॉक्टर अली कहते हैं कि उन्हें भरोसा है कि इससे दूसरे मरीजों को भी मदद मिलेगी.

उनके अनुसार यह तकनीक लकवे, आघात और दिमाग में हुई क्षति से जूझते लाखों लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती है.

इमेज कॉपीरइट Ohio State University Batelle

इयान बुरखार्ट का मामला दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला बताया जा रहा है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार