शहरों को कार फ्री ज़ोन बना देना चाहिए?

इमेज कॉपीरइट Getty

पूरी दुनिया इस वक़्त बढ़ते प्रदूषण से परेशान है. दिल्ली हो या बीजिंग. पेरिस हो या लंदन या फिर मेक्सिको सिटी. हर जगह लोग बढ़ते प्रदूषण की फ़िक्र में दुबले हो रहे हैं.

बिगड़ते हालात से निपटने के लिए कुछ क़दम भी उठाए जा रहे हैं. मसलन, दिल्ली में ऑड-इवन कार फॉर्मूले से प्रदूषण कम करने की कोशिश हो रही है. इसी तरह के प्रयोग बीजिंग, ब्रसेल्स और लंदन जैसे शहरों में भी हो रहे हैं, ताकि लोग बेहतर हवा में सांस ले सकें.

लातिन अमरीकी देश मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी, दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर कहा जाता है. इसे ये दर्जा 1992 में संयुक्त राष्ट्र की प्रदूषण की निगरानी करने वाली संस्था ने दिया था.

मेक्सिको सिटी एक पठार पर बसा हुआ है. इसके चारों तरफ़ ज्वालामुखी के छोटे बड़े पहाड़ हैं. चौतरफ़ा पहाड़ों से घिरा होने की वजह से भी यहां खुली हवा कम ही आ पाती है. फिर शहर में बढ़ती गाड़ियों ने हालात और बिगाड़ दिए हैं. आज शहर के 2.3 करोड़ निवासियों के लिए सांस लेने का मतलब है ज़हरीली हवा को अपने शरीर में भरना.

इतने बुरे हालात से निपटने के लिए हाल ही में मेक्सिको सिटी ने कारों को लेकर सख़्त नियम लागू किया है. इसके तहत हर कार मालिक को हफ़्ते में एक दिन अपनी गाड़ी सड़क पर उतारने की पाबंदी झेलनी होगी. इसके अलावा महीने के एक शनिवार को भी कारों को घर से निकालने पर रोक लगी रहेगी.

इमेज कॉपीरइट Getty

ये पाबंदी पांच अप्रैल से शुरू होकर तीस जून तक चलेगी. सरकारी और स्कूल की गाड़ियां, इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड कारों और सार्वजनिक वाहनों को इस पाबंदी से छूट मिली है.

कारों पर पाबंदी का मेक्सिको सिटी का ये पहला तजुर्बा नहीं. पिछले तीस सालों से शहर में इस क़िस्म के प्रयोग चल रहे हैं. वैसे कारों पर रोक के नियम आज़माने वाला मेक्सिको सिटी कोई पहला शहर नहीं.

पिछले साल 27 सितंबर को ही पेरिस में बढ़ते प्रदूषण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाया गया था. इसमें लोगों को कारों को छोड़कर साइकिल जैसे प्रदूषण न फैलाने वाले वाहनों का इस्तेमाल करने के लिए हौसला दिया गया.

ख़ुद पेरिस को ये मिसाल पड़ोसी देश बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स से मिली, जहां पर रविवार का दिन कार-फ्री घोषित किया गया है.

वैसे ब्रसेल्स या पेरिस में तो ये अभियान लोगों को प्रदूषण के ख़तरों से आगाह करने के लिए चलाए गए. वहीं मेक्सिको में तो कारों पर पाबंदी का नियम, प्रदूषण को कम करने के लिए लागू किया गया है.

पिछले महीने ही वहां हालात इतने बिगड़ गए थे कि प्रदूषण की निगरानी करने वाली संस्था को इमरजेंसी का एलान करना पड़ा था.

शहर की 47 लाख में से 11 लाख गाड़ियों पर हमेशा के लिए रोक लगा दी गई थी. साथ ही लोग कार से न चलें, इसके लिए सरकारी बसों और मेट्रो में मुफ़्त में सफर करने का ऑफ़र भी दिया गया.

भारत में भी इस तरह के तजुर्बे किए जा रहे हैं. इसी साल, जनवरी में दिल्ली में ऑड-इवन फ़ॉर्मूला लागू किया गया, पंद्रह दिन के लिए. अब अप्रैल में दोबारा ये प्रयोग किया जा रहा है.

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए ही 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी ऑटो और बसों को पेट्रोल-डीज़ल के बजाय सीएनजी से चलाने का आदेश दिया था.

अभी हाल ही में दस साल से ज़्यादा पुरानी डीज़ल गाड़ियों को दिल्ली में चलाने पर रोक लग गई है. साथ ही ज़्यादा ताक़तवर इंजन वाली डीज़ल गाड़ियों का लाइसेंस जारी करने पर भी अदालत ने पाबंदी लगा दी है.

ख़ुद सरकार ने नई गाड़ियों की ख़रीद पर चार फ़ीसद सेल्स टैक्स लगा दिया है, ताकि लोग कम गाड़ियां ख़रीदें. इन सबका मक़सद, सड़क पर उतरने वाली गाड़ियां कम करके प्रदूषण में कमी लाना है.

चीन की राजधानी बीजिंग भी ख़राब हवा और धुंध के लिए बदनाम है. वहां भी हालात सुधारने के लिए प्रशासन ने कई प्रयोग किए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

2008 के ओलंपिक से पहले बीजिंग में गाड़ियों को एक दिन के अंतर पर निकालने का नियम लागू किया गया था. पिछले साल विक्ट्री डे परेड से पहले भी ये नियम लागू किया गया. इससे बीजिंग के प्रदूषण में काफ़ी कमी आई थी. मगर ये फौरी ही थी. जैसे ही पाबंदी हटी, वैसे ही बीजिंग का नीला आसमान फिर धुंध में लिपटा नज़र आया.

प्रदूषण कम करने के लिए लंदन में 2003 में ही कंजेशन चार्ज लगाया गया था. पहले ये पांच पाउंड या क़रीब पांच सौ रुपए हुआ करता था. आज ये साढ़े ग्यारह पाउंड या क़रीब बारह सौ रुपए बैठता है. इससे ब्रिटिश सरकार को अरबों रुपए मिले हैं.

इन पैसों से शहर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाया गया है. प्रदूषण की निगरानी करने वाली संस्था के मुताबिक़, इससे लंदन की हवा में ज़हरीली गैसों की तादाद भी कम हुई है.

इन्हीं कामयाबियों को देखकर मेक्सिको सिटी ने भी कारों पर पाबंदी का नियम लागू किया है. जून के बाद वहां बारिश का सीज़न आ जाएगा. जिससे प्रदूषण में और कमी आने की उम्मीद है.

इसी तरह दिल्ली को भी ऑड-इवेन फॉर्मूले से प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद जगी है.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी ऑटो पर उपलब्ध है.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार