असली और नक़ली के बीच में फ़र्क़ कैसे करें?

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आजकल जब भी हम कोई सामान ख़रीदने जाते हैं तो उसके बारे में पूरी जानकारी ऑनलाइन लेने की कोशिश करते हैं. थोड़ा रिसर्च करने के बाद जब उस प्रोडक्ट के बारे में थोड़ी समझ हो जाती है तो लोग उसके बारे में क्या कह रहे हैं उसे भी पढ़ने की कोशिश करते हैं.

लेकिन क्या हर कुछ जो ऑनलाइन लिखा होता है वो सच होता है? ऑनलाइन रिव्यू पर कई बार विश्वास करना बहुत मुश्किल होता है.

कई बार कंपनियां ख़ुद ही किसी का नाम इस्तेमाल करके अपने प्रोडक्ट के बारे में बढ़िया रिव्यू लिख देती हैं. कई कंपनियों ने ऐसे लोग भी रखे हैं जो किसी भी प्रोडक्ट के बारे में ऑनलाइन लिखने का काम करते हैं.

कुछ हद तक कंपनियां भी इससे परेशान हैं लेकिन अभी तक ख़रीदने वाले ग्राहकों के बारे में कोई नहीं सोच रहा है. ये रिपोर्ट देखिये और आपको परेशानी का थोड़ा अंदाज़ा हो जाएगा. ये सिर्फ़ देश के अंदर नहीं, पूरी दुनिया में हो रहा है जैसा कि ये रिपोर्ट बताती है.

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तो कैसे पता करें कि कौन सी रिव्यू किसी ग्राहक ने की है और किस रिव्यू के लिए, शायद, कंपनी या किसी और ने पैसे दिए हैं? इसको समझने के लिए आगे पढ़िए.

जब भी किसी रिव्यू की भाषा प्रोडक्ट के हर समय गुण गान करती हुई दिखाई देती है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए. अगर प्रोडक्ट की सिर्फ़ ख़राबी के बारे में भी बात हो तो भी ये गड़बड़ हो सकता है.

अगर कोई होटल के बारे में फ़र्ज़ी रिव्यू लिखने की कोशिश करता है तो वहां पर जगह के बारे में ज़्यादा बात नहीं होगी. लेकिन रिव्यू करने वाला वो वजह बताने की कोशिश करेगा कि क्यों किसी को उस होटल में जाकर ठहरना चाहिए. अगर कोई वहां गया नहीं है तो, ज़ाहिर है, उसे उस जगह के बारे में बताना आसान नहीं है.

प्रोडक्ट के बारे में रिव्यू जब उनके मैन्युअल के जैसे लगने लगते हैं तो आपको थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए. अगर प्रोडक्ट का नाम या उसके मॉडल का नाम बार बार किसी रिव्यू में लिया जाता है तो उसका मतलब है कि रिव्यू लिखने वाला सर्च इंजन को ध्यान में रख कर लिख रहा है.

वो आपके हित में बात नहीं कर रहा है. हो सकता है वो प्रोडक्ट के टेक्निकल या मार्केटिंग भाषा का भी इस्तेमाल कर लगा. अब जिसने प्रोडक्ट इस्तेमाल ही नहीं किया वो उस प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने के बारे में कैसे बता सकता है?

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जो भी रिव्यू पर आपको थोड़ा शक हो उसके रिव्यू करने वाले के प्रोफ़ाइल की दो मिनट के लिए जांच कर लीजिए. अगर उसने अपने प्रोफ़ाइल में अपने काम के बारे में लिखा है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. अगर वो सिर्फ़ एक कंपनी के लिए काम करते हैं तो स्थिति साफ़ हो जायेगी.

कुछ वेबसाइट लोगों को अपने ख़रीदे हुए या इस्तेमाल किये हुए प्रोडक्ट की तस्वीरें पोस्ट करने की भी इजाज़त देते हैं. ऐसे रिव्यू दूसरों से कहीं बेहतर होंगे और आप उनपर ज़्यादा भरोसा कर सकते हैं. कुछ वेबसाइट सिर्फ़ उन्हीं लोगों को रिव्यू लिखने की इजाज़त देते हैं जब वो कुछ प्रोडक्ट ऑनलाइन ख़रीदते हैं.

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