भारत बचा सकता है एप्पल को?

एप्पल लोगो इमेज कॉपीरइट Getty

पिछले 13 साल में पहली बार एप्पल की बिक्री में गिरावट आई है.

पिछले साल की तुलना में इस साल बिक्री में 8 अरब डॉलर (53.22 खरब रुपये से ज़्यादा) की कमी आई है और इसके शेयर पिछले 12 महीने में 20 प्रतिशत तक गिर गए हैं.

तो अरबों डॉलर के इस व्यवसाय की अगली दिशा क्या होगी? बीबीसी ने विशेषज्ञों से बात की.

बेन वुड (सीसीएस इनसाइट) को लगता है कि कंपनी वर्चुअल रियलिटी की ओर बढ़ सकती है.

एप्पल के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव टिम कुक ने इसे भारी संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया था. इसके साथ ही बहुचर्चित एप्पल कार पर भी ध्यान केंद्रित कर सकती है जो इस तकनीकी दिग्गज के लिए बड़ी संभावनाओं वाली परियोजना है.

उन्हें यह भी लगता है कि एप्पल बड़े भारतीय बाज़ार पर अधिक ध्यान दे सकता है.

इमेज कॉपीरइट AFP

वह कहते हैं, "हालांकि एप्पल के लिए भारत में अपनी पूरी क़ीमत पर आईफ़ोन बेचना एक बड़ी चुनौती हो सकती है लेकिन इतनी बड़ी आबादी और उसके स्मार्टफ़ोन लेने की संभावना को अनदेखा नहीं किया जा सकता."

इस नीति की नाकामी एप्पल को अमेज़ॉन और स्काइ की तरह कंटेंट मुहैया करवाने या प्रोवाइडर के क्षेत्र में जाने को प्रोत्साहित कर सकती है.

इंस्टीट्यूट ऑफ़ एनवायरमेंटल मैनेजमेंट एंड एसेसमेंट के प्रमुख नीति सलाहकार मार्टिन बैक्सटर को लगता है कि कार बनाने की तरफ़ कंपनी ने जो क़दम बढ़ाया है उसमें बहुत संभावनाएं हैं. हालांकि यह कोई ज़रूरी नहीं कि वह अपने आप चलने वाली कार ही हो.

वह कहते हैं, "आजकल ख़बरों में हवा की क्वालिटी को लेकर बहुत बात हो रही है. यह साफ़ है कि इलेक्ट्रिक वाहन उत्सर्जन घटा सकते हैं - बशर्ते हम ऐसे तरीक़ों से बिजली पैदा कर सकें जिनमें उत्सर्जन कम होता हो."

इमेज कॉपीरइट Apple Computer

कैम बंटन (9टू5 मैक के संपादक) को लगता है कि एप्पल को ऐसा प्रोडक्ट लाना होगा जो बाज़ार को बदलकर रख दे.

वह कहते हैं, "तकनीक में उत्सुकता रखने के कारण मैं कह सकता हूं कि एप्पल बहुत उबाऊ है."

"वह साल में एक या दो बार बाज़ार में उत्पाद उतारते हैं और अक्सर वह वैसी ही होते हैं जैसे पहले आ चुके हैं. हालांकि यह अच्छी रणनति है और इससे कंपनी काफ़ी पैसा भी बनाती है."

बंटन कहते हैं कि बेहद गुपचुप ढंग से काम करने वाली कंपनी में कुछ खुलापन भी आना चाहिए - लेकिन उन्हें लगता है कि यह इसकी अपील का ही एक हिस्सा है.

"मैं चाहूंगा कि वह थोड़ा खुलें - और ऐसा जताना बंद कर दें कि तकनीक का विकास करना कोई जादूगरी है जो कोई और नहीं कर रहा."

इमेज कॉपीरइट AFP

"लेकिन मुझे लगता है कि इसी वजह से वह सफल भी हुए हैं - रहस्य एक रोमांच पैदा करता है और जब वह कोई उत्पाद बाज़ार में उतारते हैं तो यह एकदम नया लगता है."

एक अकाउंटेंसी फ़र्म मेनज़ीस में साझीदार और तकनीक क्षेत्र के विशेषज्ञ ग्राहम सेडोन को लगता है कि आईफ़ोन के अंत के समय की शुरुआत हो चुकी है.

वह कहते हैं, "सबसे अच्छे उत्पाद, सबसे अच्छे ब्रांडों का एक समय होता है और यह ख़त्म होते हैं."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार