अब सर्च के लिए मजबूर कर रहा है माइक्रोसॉफ़्ट

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अगर आप कोर्टिना फ़ीचर से लैस विंडोज़ 10 का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको गूगल सर्च करने में मुश्किल होगी.

कोर्टिना एक डिजिटल असिस्टेंट फ़ीचर है, जिसकी मदद से आपको अपने कंप्यूटर पर कई तरह की सेवाएं मिलेंगी.

माइक्रोसॉफ़्ट अब यूज़रों को विंडोज़ 10 पर गूगल के बजाय बिंग सर्च इंजन का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य कर रहा है.

इस तरह जो भी सर्च होंगे वो हाल में लाए गए एज ब्राउज़र के ज़रिए ही होंगे.

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माइक्रोसॉफ़्ट ने एक ब्लॉगपोस्ट में लिखा कि कंपनी लोगों को बिंग के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि उन्हें दूसरे सर्च फ़ीचरों के मुक़ाबले बेहतर नतीजे मिल सकें.

पहले कई कोर्टिना यूज़रों ने बिंग के बजाय गूगल पर ही सर्च किया था.

ब्लॉगपोस्ट में माइक्रोसॉफ़्ट प्रमुख (सर्च और कोर्टिना) रेयान गेविन ने कहा कि विंडोज़ यूज़र अब भी कोर्टिना से इतर दूसरे वेब ब्राउज़र इंस्टॉल कर सकते हैं और दूसरे सर्च इंजन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

हालांकि उनका कहना है कि माइक्रोसॉफ़्ट, एज और बिंग में नए फ़ीचर जोड़ने की कोशिश कर रहा था. ऐसे में दूसरे सर्च इंजन और ब्राउज़र के बजाए कोर्टिना से इन प्रोग्रामों को जोड़ना ज़्यादा सही था.

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यह नया फ़ीचर इस पर निर्भर होगा कि लोग क्या सर्च करते हैं लेकिन अगर किसी ने कोर्टिना का इस्तेमाल कर रेस्तरां की जानकारी चाही है, तो ब्राउज़र उन्हें उससे जुड़े वेबपेज पर ले जाएगा और आपको एक नक़्शा भी दिखेगा, जिसमें नज़दीकी लोकेशन की जानकारी मिलेगी.

इसके अलावा आपके सर्च के अनुरूप वीडियो और दूसरी चीज़ें भी दिखेंगी.

माइक्रोसॉफ़्ट को भले ही लोगों को बिंग सर्च इंजन से जोड़ने में कुछ कामयाबी मिली हो पर गूगल का दबदबा अब भी बाज़ार पर है.

स्टैट काउंटर के आंकड़ों के मुताबिक़ दुनिया भर में 90 फ़ीसदी सर्च गूगल के ज़रिए होते हैं जबकि बिंग की हिस्सेदारी महज़ तीन फ़ीसदी है.

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