क्विक चार्ज स्मार्टफोन पर ऐसे काम करता है

  • 28 जून 2016
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कई स्मार्टफोन में क्विक चार्जर आजकल आम बात है.

जब भी आप स्मार्टफोन को बिलजी के चार्जर से कनेक्ट करते है तो वो जल्दी चार्ज होता है. लेकिन लैपटॉप या कंप्यूटर के यूएसबी पोर्ट से कनेक्ट करने से चार्ज होने में उसे ज़्यादा समय लगता है.

हर स्मार्टफोन में पावर मैनेजमेंट सर्किट बोर्ड होता है. ये तय करता है कि किसी भी समय बैटरी कितनी वॉट बिजली ले सकती है. जिन स्मार्टफोन में क्विक चार्ज नहीं है उनमें ये 10 वॉट तक सीमित है.

क्विक चार्ज की खूबी है कि वो इस सीमा को बढ़ा देता है. इसलिए स्मार्टफोन जल्दी चार्ज हो सकते हैं. स्मार्टफोन का पावर मैनेजमेंट सर्किट उसे ज़्यादा बिजली लेने को तैयार कर देता है. क्विक चार्ज कैसे तेज़ी से स्मार्टफोन को चार्ज करता है उसके बारे में आप ये वीडियो देख सकते हैं.

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क्विक चार्ज के लिए तीन चीज़ें होना ज़रूरी है- स्मार्टफोन या टैबलेट में क्विक चार्ज का सिस्टम, एडाप्टर जो ऊंचे वोल्टेज का है और बढ़िया यूएसबी वाली तार. अगर स्मार्टफोन को क्विक चार्ज के लिए नहीं बनाया गया है तो उसे जल्दी नहीं चार्ज किया जा सकता है.

जल्दी चार्ज करने से स्मार्टफोन गर्म भी हो जाता है. इसलिए ऐसे सभी डिवाइस में एक सेंसर लगा होता है. चार्जिंग के समय अगर ये डिवाइस ज़्यादा गर्म हो जाते हैं तो क्विक चार्ज थोड़े समय के लिए बंद हो जाता है.

स्मार्टफोन की बैटरी अगर ख़त्म हो रही है तो क्विक चार्ज बहुत बढ़िया काम करेगा. लेकिन अगर करीब 60 फीसदी चार्ज पूरा हो गया, उसके बाद चार्जिंग की रफ़्तार कम हो जाती है.

कुछ डिवाइस में करीब 75 फीसदी तक क्विक चार्ज काम करता है.

यूएसबी चार्जर आजकल सभी स्मार्टफोन में काम करते हैं इसलिए ये चिंता करने की ज़रुरत नहीं है कि कौन सा चार्जर इस्तेमाल किया जा रहा है.

क्विक चार्ज वाले सैमसंग के यूएसबी चार्जर को अगर आप मोटोरोला में लगाएंगे तो वो आसानी से काम करेगा.

क्विक चार्ज करने वाले सभी डिवाइस की लिस्ट आपको यहां मिल जायेगी.

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