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मंगलवार, 09 मार्च, 2004 को 13:04 GMT तक के समाचार
 
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मंगल के खोजी यानों को और समय
 
स्पिरिट यान
स्पिरिट ने मंगल के बारे में ऐसी जानकारियाँ भेजी हैं जिनसे पता चलता है कि वहाँ पानी है
मंगल ग्रह की जानकारी लेने के लिए भेजे गए अमरीकी अंतरिक्ष यान अब 240 दिन तक काम कर सकेंगे.

पहले इन यानों की क्षमता 150 दिन तक काम करने की थी.

अमरीकी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने स्पिरिट और अपॉर्चुनिटी नाम के दो अंतरिक्ष यानों से प्राप्त आँकड़ों के अध्ययन के बाद ये दावा किया है.

उन्होंने पाया कि ये दोनों यान उम्मीद से कहीं ज़्यादा अच्छी तरह से काम कर रहे हैं.

अब स्पिरिट और अपॉरचुनिटी मंगल पर और लंबे समय तक रहकर अपना परीक्षण जारी रख सकेंगे.

ऊर्जा

ये यान सूर्य से निकली ऊर्जा से अपनी बैटरियाँ चार्ज करते हैं जिसके लिए इनपर तिकोने सोलर पैनल लगे होते हैं.

ये पैनल काफ़ी कारगर साबित हुए हैं.

इसके अलावा इन दोनों यानों को उतनी ऊर्जा की ज़रूरत नहीं पड़ी जितना कि पहले सोचा गया था.

मंगल का तापमान उम्मीद से कहीं ज़्यादा गर्म निकला.

और समय

ये ख़बर इसलिए और महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बात के पक्के प्रमाण मिले हैं कि मंगल पर ऐसा आर्द्र वातावरण है जो जीवन के लिए ज़रूरी है.

नासा के वैज्ञानिक जेक मातिजेविक ने कहा,"ये दोनों यान अब अपने उतरने की जगह से आगे जाकर एक अलग तरह की भौतिक संरचना को देख सकते हैं."

उन्होंने बताया कि अब ये अंतरिक्ष यान 240 दिन तक मंगल पर रह सकते हैं मगर मंगल के वातावरण या इन यानों की हालत में कोई बदलाव होने पर ये अवधि बदल सकती है.

अपॉरचुनिटी 25 जनवरी को मंगल की सतह पर उतरा था और तब से उसके हीटर में ख़राबी के कारण उसकी ऊर्जा कम होती जा रही है.

 
 
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