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सोमवार, 18 फ़रवरी, 2008 को 08:40 GMT तक के समाचार
 
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आकाशगंगा में पृथ्वी जैसे और ग्रह
 
पृथ्वी
वैज्ञानिकों का मानना है सौरमंडल में पृथ्वी की तरह कई ग्रह मौजूद हैं
एक नए शोध के मुताबिक जिस आकाश गंगा में पृथ्वी है उसमें कई और ऐसे ग्रह हैं जिनमें जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं.

अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि पृथ्वी के सौर मंडल के बाहर पृथ्वी की ही तरह कई और ग्रह भी हो सकते हैं.

सौर मंडल में लगातार खोज-बीन कर रहे वैज्ञानिकों ने बॉस्टन के 'अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस' यानी 'एएएएस' में अपनी इस खोज के तथ्य पेश किए हैं.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि धरती के इस सौर मंडल के बाहर सैकड़ों ऐसे सूर्य हैं और उनके साथ उनका खुद का पूरा-पूरा सौर मंडल भी मौजूद है.

 हमारे सौर मंडल के भीतर ही किसी कोने में हमारी पृथ्वी की तरह की सैकड़ों पृथ्वियां मौजूद हैं. लेकिन, ये पृथ्वियां बर्फ की तरह जमी हुई हैं
 
एलन स्टर्न, वैज्ञानिक

वैज्ञानिकों का कहना है, "इस खोज से हमें ये समझने में आसानी होगी कि पृथ्वी और दूसरे तमाम ग्रह किस तरह वजूद में आए."

बर्फ में जमी दुनिया

ये तो हुई पूरी आकाश गंगा की बात. लेकिन कुछ अंतरिक्ष वैज्ञानिक ये भी मानते हैं, "सौर मंडल के भीतर ही किसी कोने में पृथ्वी की तरह की सैकड़ों पृथ्वियां मौजूद हैं. लेकिन, ये बर्फ की तरह जमी हुई हैं."

वैज्ञानिक हमारे सौर मंडल के 'क्यूपर बैल्ट ज़ोन' में ही प्लूटो के आकार के हज़ारों ग्रह होने का दावा कर चुके हैं.

अमरीका की एरिज़ोना विश्वविद्यालय के अंतरिक्ष वैज्ञानिक माइकल मेयर भी मानते हैं कि हमारे सौर मंडल में सूर्य की ही तरह के कई और तारे भी मौजूद हो सकते हैं.

मेयर कहते हैं, "इस खोज के ज़रिए हम इस रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं कि ब्रह्मांड में मौजूद तमाम ग्रह और हमारी पृथ्वी किस तरह बनी होगी."

दरअसल, विज्ञान की भाषा में सूर्य को तारा कहा जाता है.

मेयर और उनकी पूरी टीम ने अमरीका अंतरिक्ष एजेंसी 'स्पिटज़र स्पेस टेलिस्कोप' की मदद से इस तरह के तारों को देखा है.

आकाश गंगा
हमारे सौर मंडल में कई नए ग्रहों पर लगातार खोज जारी है

अमरीका की अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' ने भी इस तरह की 'दूसरी पृथ्वियां' खोजने के लिए एक पूरा अभियान चलाया हुआ है जिसे 'कैपलर मिशन' के नाम से जाना जाता है.

कैलीफोर्निया की सैन फ्रांसिस्को स्टेट यूनिवर्सिटी में काम कर रहीं वैज्ञानिक डेबरा फिश्चर कहती हैं, "हमारे सौर मंडल के 'गोल्डीलॉक्स ज़ोन' में कई ग्रहों के देखे जाने से भी वैज्ञानिक काफ़ी उत्साहित हैं."

नासा के वैज्ञानिक एलन स्टर्न कहते हैं, "हमें उम्मीद है कि हम बड़ी संख्या में ग्रहों को खोज लेंगे."

स्टर्न ये भी कहते हैं, "हमारे सौर मंडल के एक कोने पर धुँए की तरह के मौजूद बादल 'ऊर्ट क्लाउड' में पृथ्वी के द्रव्यमान के बराबर के ग्रहों देखे गए हैं. लेकिन ये बेहद दूर होने की वजह से जमे हुए हैं."

पृथ्वी की तरह के इन ग्रहों और सूर्य की तरह के तारों की खोज से वैज्ञानिक काफ़ी उत्साहित हैं. उनका मानना है कि इन ग्रहों पर धरती की ही तरह जीवन हो सकता है.

वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अब से सैकड़ों सालों बाद यहां इंसानी आबादी भी बस सकती है.

 
 
ग्रह पृथ्वी जैसा ग्रह मिला
वैज्ञानिकों ने सौर मंडल के बाहर पृथ्वी से मिलते-जुलते एक ग्रह की खोज की है.
 
 
प्लूटो प्लूटो अब ग्रह नहीं
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