रूस में पॉर्न साइट्स पर बैन के विरोधियों को नसीहत

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रूस में दुनिया के दो सबसे लोकप्रिय पॉर्न साइट्स पर पाबंदी लगाने के फ़ैसले ने कुछ लोगों को नाराज़ कर दिया है.

लेकिन रूस के मीडिया रेग्यूलेटर रोस्कोमनादज़ोर ने अपनी आलोचना करने वालों का ख़ास अंदाज़ में जवाब दिया है.

मंगलवार को रूस में दो अलग-अलग अदालतों ने पॉर्न हब और यूपॉर्न पर पाबंदी लगाने का आदेश दिया था, जिसके बाद रोस्कोमनादज़ोर ने इस फ़ैसले को लागू कर दिया.

लेकिन मुफ़्त में पॉर्न देखने वालों ने इस फ़ैसले को लेकर सोशल मीडिया पर ख़ूब भड़ास निकाली. लेकिन रोस्कोमनादज़ोर ने अपने अंदाज़ में ही इसका जवाब दिया.

उसने पिछले साल के अपने एक ट्वीट को री-ट्वीट किया, जिसमें कहा गया था- विकल्प के रूप में आप रियल लाइफ़ में किसी से मिल सकते हैं.

इस बार री-ट्वीट में रोस्कोमनादज़ोर ने अपनी नई टिप्पणी जोड़ी- डियर इंटरनेट प्रेमियों, ये सलाह अब भी बरकरार है.

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उस समय मामला और बढ़ता नज़र आया, जब पॉर्नहब ने मज़ाकिया अंदाज़ में घूस देकर बैन हटवाने की कोशिश की.

पॉर्नहब ने रोस्कोमनादज़ोर को ट्वीट किया- अगर हम आप सभी को पॉर्नहब का प्रीमियम अकाउंट दे दें, तो क्या आप रूस में पॉर्नहब पर लगी पाबंदी हटाएँगे.

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इस पर रोस्कोमनादज़ोर ने कड़ा जवाब दिया. हालाँकि गूगल ट्रांसलेट के कारण भाषा कुछ अस्वाभाविक सी लग रही थी.

पिछले साल रूस में पॉर्नहब पर अस्थायी पाबंदी लगी थी. वर्ष 2014 में कंपनी उस समय सुर्ख़ियों में आई जब उसने दावा किया कि उसकी साइट पर दुनिया के अन्य मुल्कों की तुलना में रूस के लोग 'एनल सेक्स' वाले वीडियो ज़्यादा सर्च करते हैं.