ममता पर सवाल, छात्रा के ख़िलाफ़ लगा बैनर

  • 18 अक्तूबर 2016
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कोलकाता में एक छात्रा के फ़ेसबुक पोस्ट के विरोध में बैनर लगा दिया गया है.

बैनर पर छात्रा की तस्वीर और फ़ेसबुक स्टेट्स भी था. साथ ही लिखा था, शर्म करो.

21 वर्षीय छात्रा राजश्री चटोपाध्याय ने दुर्गा पूजा के मौके पर कोलकाता में आयोजित दुर्गा पूजा कार्निवल पर सवाल उठाते हुए लिखा था, "विसर्जन में भी हरिबोल, मैडम जो आपका मन है करो."

बीबीसी से बात करते हुए राजश्री ने कहा, "मेरे ख़िलाफ़ पोस्टर लगाए जाने के बाद रविवार सुबह आक्रामक महिलाओं का समूह मेरे घर भी पहुँच गया था. पड़ोसी ने हस्तक्षेप किया, वरना वो मुझ पर हमला भी कर सकती थीं."

कलकत्ता यूनिवर्सिटी से एमटेक कर रहीं राजश्री सीपीआईएम की छात्र इकाई से जुड़ी हैं. वे कहती हैं मेरे पास सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अधिकार है.

बैनर सिटीजन समिति, वार्ड-8 दमदम के नाम से लगाया गया था. राजश्री का कहना है कि इस नाम का कोई संगठन यहां नहीं है और इस बैनर के पीछे सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस हो सकती है.

तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता आशीष चक्रवर्ती ने बीबीसी से कहा, "हम ऐसे किसी बैनर की ज़िम्मेदारी नहीं लेते. ये पार्टी ने नहीं किया है. हो सकता है कि पार्टी के किसी कार्यकर्ता या समर्थक ने ऐसा किया हो."

उन्होंने कहा, "हमारे स्थानीय विधायक और मंत्री इस बैनर को नकार चुके हैं."

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राजश्री कहती हैं, "जब मूर्ति विसर्जन के लिए जुलूस निकल रहा था तो लोग हरिबोल के नारे लगाते हुए जा रहे थे. बंगाल में ये नारे तब लगाए जाते हैं जब किसी को श्मशान घाट ले जाया जाता है. मैंने इस नारे पर सवाल उठाया था और कहा था कि मैडम आपका जो मन है वो करो."

वो कहती हैं, "जब पश्चिम बंगाल में बेरोज़गारी और ग़रीबी चरम पर है तब ममता बनर्जी जनता का पैसा दुर्गा पूजा के आयोजन पर ख़र्च कर रही हैं. एक नागरिक के तौर पर मैं उनकी नीतियों पर सवाल उठा सकती हूँ."

उन्होंने कहा, "मेरी एक राजनीतिक विचारधारा है, लेकिन इससे मेरा सवाल उठाने का अधिकार ख़त्म नहीं हो जाता. अगर ममता बनर्जी मेरे स्टेट्स से नाराज़ थीं तो उन्हें मुझसे इस बारे में बहस करनी चाहिए थी न कि मेरी तस्वीर के साथ पोस्टर लगवाना चाहिए था."

राजश्री कहती हैं, "मैंने जो मुद्दा उठाया है मैं उस टिकी हूं और किसी भी समय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस पर बहस करने के लिए तैयार हूँ. लेकिन वो बहस करने के बजाए डराने का तरीका अपना रही हैं."

जब उनसे पूछा गया कि क्या वो बैनर लगाए जाने के बाद डरी हुई हैं, उन्होंने कहा, "मैं एक सामान्य छात्रा हूँ. मुझे नौकरी करनी हैं. आम लड़की की तरह कॉलेज जाती हूँ. इस तरह चौराहे पर पोस्टर लगाना मेरी सुरक्षा के लिए ख़तरा है."

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