'सर्जिकल स्ट्राइक पहले भी, मार्केटिंग इस बार'

  • 19 अक्तूबर 2016
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भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर ने संसदीय समिति को जानकारी दी है कि नियंत्रण रेखा के पार पहले भी सेना ने निश्चित निशाने, सीमित क्षमता और आतंकवाद निरोधी अभियान चलाया है लेकिन ये पहली बार है कि सरकार ने इस बारे में सार्वजनिक जानकारी दी है.

इस खबर के सामने आने के बाद से ट्विटर पर हैशटैग #ForeignSecExposesGovt ट्रेन्ड कर रहा है.

कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा ने ट्वीट किया, "बिना विश्वसनीयता के कोई सरकार नहीं चल सकती. ये जनता के विश्वास से धोखा है, संस्थानों का ग़लत इस्तेमाल है."

गौरव पांधी (@GauravPandhi) ने ट्वीट किया, "रहस्योद्घाटन से ज़्यादा विदेश सचिव ने ये स्पष्ट किया है कि बीजेपी राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले संभालने के लायक नहीं है."

नवीन खेतान, (@navinkhaitan) ने तंज़ करते हुए लिखा, "आरएसएस की ट्रेनिंग के कारण सर्जिकल स्ट्राइक सफल हुई है वैसे ही जैसे किताब में मोरपंख रखने से मैं 5वीं पास हो गया था!! "

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मनमोहन सिंह (@msgpahujaa) के नाम से चल रहे अकाउंट से लिखा गया, "अंततः सच बाहर आ ही गया. पिछली सर्जिकल स्ट्राइक्स का खंडन करके सरकार ने सेना का अपमान किया है."

पवन खेड़ा (@Pawankhera) ने लिखा, "क्या वे लोग अब उन्हें संसदीय पैनल के सामने दिए गए अपने बयान से पीछे हटने के लिए मजबूर करेंगे. क्या टीवी चैनल इस पर चर्चा करेंगे?

जीतू तिवारी (@jitupatwari) ने लिखा, "विदेश सचिव ने संसदीय समिति को बताया की पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी पर मार्केटिंग इस बार ही हुई...पर्रिकर जी अब?"

गीत वरुण (@geetv79) ने लिखा, "अब उन्हें नागपुर बुलाया जाएगा और वोट हासिल करने की रणनीति को बर्बाद न करने की चेतावनी दी जाएगी."

आकाश तायवणे (@AakashTaywade) ने लिखा, "भारतीय सेना पहले भी इस तरह जवाब देती रही है लेकिन जिस तरह इस बार प्रचार किया जा रहा है उसका मक़सद राजनीतिक है."

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