बैंकों में लगी भीड़, सोशल मीडिया गरमाया

  • 12 नवंबर 2016
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पांच सौ और हज़ार रुपए के पुराने नोट बदलवाने के लिए पूरे देश भर के तमाम बैंकों में लोगों की भारी भीड़ जुट रही है. कई जगह बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ रही है.

एटीएम में भी पैसे ना होने की शिकायतें मिल रही हैं. ऐसे में सोशल मीडिया गरमाया हुआ है. और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

जहां कई लोग सरकार के प्रति ग़ुस्से का इज़हार कर रहे हैं तो कई लोग ये भी कह रहे हैं कि इस अच्छे क़दम की वजह से थोड़ी-बहुत तकलीफ़ झेल लेनी चाहिए.

इस ट्रेंड में लोग देश में नोटों को लेकर परेशान जनता और नरेंद्र मोदी के जापान दौरे को साथ में जोड़कर लगातार प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

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शिरीष नाम के एक ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "सरकारी मंत्रियों को बैंकों की लाइन में लगकर पैसे निकालने पड़ें तब उनकी समझ में आएगा."

काकावाणी नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "धन्यवाद मोदी जी. आपकी वजह से आम जनता अपने ही पैसों के लिए मारी-मारी फिर रही है."

शहाब अहमरी ने लिखा, "एटीएम- आउट ऑफ़ सर्विस. बैंक- आउट ऑफ़ कैश. पब्लिक- आउट ऑफ़ कंट्रोल. पीएम- आउट ऑफ़ कंट्री "

इस ट्रेंड में कई लोगों ने नरेंद्र मोदी के इस क़दम का समर्थन भी किया.

'रियल भीखू' नाम से ट्विटर हैंडल का ट्वीट: "आप पार्टी के समर्थक चाहें तो मोदी जी के विरोध में अपने 500 और हज़ार के नोट ना बदलवाएं. देखते हैं कितने पक्के मोदी विरोधी हैं."

वहीं पुनीत धमीजा लिखते हैं, "बात-बात में देशभक्ति का नारा सोशल मीडिया पर बुलंद करने वाले लोग देश की बेहतरी के लिए उठाए गए क़दम की वजह से ज़रा सी दिक़्क़त झेलने को तैयार नहीं. दो घंटे बैंक की लाइन में लगने से ही उतर गया देशभक्ति का बुखार, और कह रहे हो मोदी जी हुए फ़रार."

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