फ़ेसबुक बग से बचे हुए हो, तो ज़िंदा हो तुम

  • 12 नवंबर 2016

फेसबुक पर एक बग ज़िंदा लोगों को मरा हुआ बता रहा है. इस बग के शिकार लोगों में फ़ेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग भी शामिल हैं.

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ये बग शुक्रवार को कई लोगों की फ़ेसबुक प्रोफाइल पर नज़र आया.

बग फ़ेसबुक यूज़र्स के प्रोफाइल के ऊपर नज़र आ रहा था, जहां फ़ेसबुक यूज़र को याद करते हुए श्रद्धांजलि भरा संदेश लिखा हुआ था.

इस बग का असर ये रहा कि फ़ेसबुक यूज़र्स को अपने प्रोफाइल पर पोस्ट डालकर ये बताना पड़ा कि वो ज़िंदा हैं.

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मार्क ज़करबर्ग समेत बग के शिकार लोगों की प्रोफ़ाइल पर कुछ ऐसा मेमोरियल मैसेज लिखा दिखाई दिया, ''हम उम्मीद करते हैं कि जो लोग मार्क (फ़ेसबुक यूजर का नाम) को प्यार करते हैं, वो उन बातों में सुकून पाएंगे जो दूसरे लोगों के पास उन्हें लेकर साझा करने के लिए हैं.''

क्या होता है बग?

किसी मशीन के अंदर जैसे कई पुर्ज़े लगे होते हैं. ठीक वैसे ही कंप्यूटर, मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर जो सब हमें दिख रहा होता है, वो प्रोग्रामिंग की वजह से संभव हो पाता है.

इसी प्रोग्रामिंग की वजह से सारी वेबसाइट, ऐप चलती हैं.

प्रोग्रामिंग में जब कोई छोटी सी गड़बड़ हो जाती है तो ये ऐप और वेबसाइट में दिक्क़त करने लगती है. यही गड़बड़ बग कहलाती है.

कभी-कभी हैकर्स अपने प्रोग्राम बनाकर भी पहले के प्रोग्रामिंग में गड़बड़ी कर सकते हैं.

फेसबुक प्रवक्ता ने बताया, ''ये एक भयानक गड़बड़ थी, जिसे अब दूर कर दिया गया है. इस गड़बड़ी के लिए हम माफ़ी चाहते हैं.''

फेसबुक ने साल 2015 में मेमोरियल फ़ीचर की शुरुआत की थी. ये शुरुआत तब हुई थी, जब कई परिवारों ने अपने क़रीबियों के मरने के बाद उनके सोशल अकाउंट को ख़ुद चलाए जाने की मांग की.

ऐसा इसलिए ताकि किसी यूज़र के मरने के बाद उनके क़रीबी यादें साझा करने के साथ संदेश छोड़ सकें.

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