'मोदी बेवफ़ा' पर भिड़ गए मोदी विरोधी और समर्थक

  • 21 नवंबर 2016
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नोटबंदी से होने वाली 'दिक़्क़त' और कानपुर रेल हादसे के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर लोग नरेंद्र मोदी सरकार की 'नाकामियों' पर बहस करने लगे हैं और बदले में मोदी समर्थक उन्हें जवाब भी दे रहे हैं.

ट्विटर पर 'मोदी बेवफ़ा है' ट्रेंड चल निकला जिसमें प्रधानमंत्री के विरोधी और समर्थकों के बीच जमकर बहस चल रही है.

प्रवीण शर्मा नाम के ट्विटर यूज़र लिखते हैं, "नोटबंदी की वजह से किसान बुआई नहीं कर पा रहा. भारतीय शादी नहीं कर पा रहे हैं. बीमार का इलाज नहीं हो रहा है. ग़रीब रोटी नहीं खा पा रहा है. नौजवान नौकरी नहीं कर पा रहा है. "

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बैंड नोट नाम के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "कानपुर ट्रेन हादसे में सौ से ज़्यादा लोग मारे गए. और कुछ ही दूरी पर आगरा में साहब बस अपने मन की बात करते रहे."

शुभम प्रकाश लिखते हैं, "मोदी जी देश लाइन में लगा है, लेकिन आप चिंता मत करो. आप तो बस अपना भाषण जारी रखो."

लेकिन नरेंद्र मोदी के समर्थक भी बहस में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं.

नरेश नाम के ट्विटर यूज़र ने लिखा, "मुझे 10 हज़ार रुपए निकालने में सिर्फ़ 25 मिनट लगे. मैं तो मोदी जी के साथ हूं."

वैष्णवी चौधरी के मुताबिक़, "एक ओर तो आप कहते हो कि मोदी जी के राज में ग़रीबी फैल रही है. दूसरी ओर आप कहते हो कि लोग बैंक से पैसा निकालने के लिए बेताब हैं. ये कैसा विरोधाभास."

भरत लिखते हैं, "इस क़दम से मोदी जी की लोकप्रियता शर्तिया तौर पर बढ़ने वाली है. इसलिए विपक्षी दल परेशान हैं."

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