सोशल: 'हिंदुस्तान को माहिरा से डर लगता है'

  • 11 दिसंबर 2016
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रविवार शाम को अभिनेता शाहरुख़ ख़ान और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे की मुलाक़ात हुई जिसके फ़ौरन बाद दोनों ही सोशल मीडिया में लोगों के निशाने पर आ गए.

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शाहरुख़ ख़ान अपनी आने वाली फ़िल्म 'रईस' के सिलसिले में राज ठाकरे से मिले.

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'रईस' में शाहरुख़ ख़ान के साथ पाकिस्तानी अभिनेत्री माहिरा ख़ान मुख्य भूमिका में हैं.

मुलाक़ात के बाद राज ठाकरे ने मीडिया को बताया कि शाहरुख़ ख़ान ने उन्हें आश्वस्त किया है कि माहिरा फ़िल्म के प्रमोशन में हिस्सा नहीं लेंगी.

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हाल के दिनों मे राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना बॉलीवुड फ़िल्मों में पाकिस्तानी कलाकारों की मौजूदगी का विरोध करती रही है और ऐलान किया था कि वो ऐसी कोई फ़िल्म रिलीज़ नहीं होने देगी जिनमें पाकिस्तानी कलाकार हों.

करण जौहर की फ़िल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' भी पाकिस्तानी कलाकार फ़वाद ख़ान की मौजूदगी को लेकर विवाद में रही थी.

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बाद में जब राज ठाकरे से मुलाक़ात के बाद करण जौहर, आर्मी फ़ंड में पांच करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हुए थे तब ये विवाद सुलझा था और बहुत मुश्किलों के बाद 'ऐ दिल है मुश्किल' रिलीज़ हो पाई थी.

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इस बार भी राज ठाकरे और शाहरुख़ ख़ान की मुलाक़ात के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई.

लोग सवाल कर रहे हैं कि आख़िर राज ठाकरे को किसने ये अधिकार दिया कि वो किसी फ़िल्म की रिलीज़ सुनिश्चित करें या उसमें बाधा डालें.

ट्विटर यूज़र शाहरुख़ ख़ान पर भी 'राज ठाकरे के आगे झुकने' का आरोप लगा रहे हैं.

@Kumar_santosh08 के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, "एक शख़्स जिसने आज तक एक भी चुनाव नहीं जीता वो देशभक्ति का सर्टिफ़िकेट बांट रहा है. मेरा भारत महान."

तरुण अग्रवाल ने तंज कसते हुए लिखा, "साल 2016 का बेस्ट फ़िल्म डिस्ट्रीब्यूटर अवॉर्ड राज ठाकरे को मिलना चाहिए."

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स्वामीदत्ता मिश्रा ने लिखा है, "राज ठाकरे ने अपनी आत्मा बेचने की क़ीमत पांच करोड़ रुपए लगाई है. देखते हैं शाहरुख़ नोटबंदी के इस दौर में इस फ़िरौती को कैसे चुकाते हैं. कैश या ऑनलाइन से."

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गणेश शिनॉय कहते हैं, "लाइसेंस राज क्या है? राज ठाकरे को फ़िरौती देना ताकि आपकी फ़िल्म शांतिपूर्ण ढंग से रिलीज़ हो सके इसे ही लाइसेंस राज कहते हैं."

नाडिया ज़ेड कहती हैं, "माहिरा ख़ान से हिंदुस्तान को डर लगता है. वाह रे."

बिजू मोहन लिखते हैं, "मैं शाहरुख़ ख़ान का प्रशंसक हूं. लेकिन वो राज ठाकरे के आगे सफ़ाई क्यों पेश कर रहे हैं. बहुत अफ़सोस की बात है."

वी नागराज नाम के ट्विटर यूज़र के मुताबिक़, "कितने अफ़सोस की बात है कि शाहरुख़ को अपनी फ़िल्म की रिलीज़ के लिए राज ठाकरे से मिलना पड़ता है. महाराष्ट्र में बीजेपी राज है या गुंडा राज."

अमर भल्ला ने लिखा, "अच्छा हुआ. फ़िल्म शांतिपूर्ण रिलीज़ होने के लिए ये छोटी सी क़ीमत है."

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