'तुर्की, जर्मनी में हमले...सिविलाइज़्ड वर्ल्ड को सोच बदलनी होगी'

  • 20 दिसंबर 2016
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Image caption राजदूत की हत्या करने वाले मेवलुत मेर्त एडिन्टास अंकारा में दंगारोधी पुलिस के सदस्य थे.

तुर्की की राजधानी अंकारा में एक हमलावर ने सोमवार को रूसी राजदूत की हत्या कर दी.

हमलावर ने अल्लाहू अकबर का नारा लगाया और सीरिया युद्ध और अलेप्पो का ज़िक्र किया. हत्या के बाद सोशल मीडिया पर दुनियाभर से नेताओं और आम लोगों ने प्रतिक्रिया दी है.

अमरीका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया, "आज तुर्की, स्विट्ज़रलैंड और जर्मनी में चरमपंथी हमले हुए हैं और हालात और बदतर होते जा रहे हैं. सिविलाइज़्ड वर्ल्ड को अपनी सोच बदलनी होगी."

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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम ट्रनबुल ने ट्वीट किया, "ऑस्ट्रेलियाई सरकार बीती रात बर्लिन में हुए हमले और तुर्की में रूस के राजदूत के क़त्ल की कड़ी निंदा करती है. हमने हाल में कई चरमपंथी हमले देखे हैं. मैं ऑस्ट्रेलियाई लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि हमारी पुलिस और सुरक्षा एजेंसिया दुनियाभर में श्रेष्ठ हैं."

न्यूयॉर्क में तुर्की के दूतावास की ओर से ट्वीट किया गया, "हम राजदूत कार्लोफ़ की मौत से शोक संतप्त हैं. वो तुर्की के मित्र थे. उनकी हत्या, तुर्की और रूस के संबंधों पर हमला है."

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Image caption तुर्की में रूस के राजदूत एंड्रे कार्लोफ़

पाकिस्तानी राजनेता अंदलीब अब्बास ने ट्वीट किया, "तुर्की में रूसी राजदूत की हत्या दर्शाती है कि सीरिया में दख़ल कितनी बुरी तरह से प्लान किया गया है. अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ से कोई सबक नहीं लिया गया."

संयुक्त राष्ट्र में जापान के राजदूत की ओर से ट्वीट किया गया, "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद तुर्की के अंकारा में रूसी राजदूत की हत्या की कड़े शब्दों में नंदा करती है."

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यज़ीदी महिला कार्यकर्ता नादिया मुराद ने ट्वीट किया, "मैं राजदूत आंद्रे कार्लोफ़ की हत्या की निंदा करती हूँ. चरमपंथ को उखाड़ फेंकना होगा ताकि हम शांति से रह सकें."

कांग्रेस पार्टी के नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, "तुर्की में रूसी राजदूत की हत्या की कड़ी निंदा करता हूँ. ये ज़ाहिर तौर पर सुरक्षा में भारी चूक है."

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