सोशल: शाहरुख़, दीपिका को लताड़ छा गए अभय देओल

अभय देओल

इमेज स्रोत, facebook

चमड़ी गोरी करने का दावा करने वाली क्रीमों का प्रचार करने वाले बॉलीवुड के ताक़तवर अभिनेताओं पर आक्रमक हमला कर अभिनेता अभय देओल सोशल मीडिया पर छा गए हैं.

ट्विटर पर लोगों ने अभय को हिम्मतवाला अभिनेता करार दिया है.

फेयरनेस क्रीम को लेकर शाहरुख़ जैसे अभिनेताओं पर हमला करने के कारण अभय ट्विटर पर ट्रेंड भी कर रहे थे.

अंशु छिब्बर नाम के एक ट्विटर हैंडलर ने लिखा है, ''अभय देओल ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट से बिल्कुल सही बहस शुरू की है. आख़िर बॉलीवुड के बड़े स्टार क्यों फेयरनेस क्रीम का प्रचार कर रहे हैं?''

इमेज स्रोत, facebook

महिला अधिकारों को लेकर मुखर रहने वालीं कविता कृष्णन ने लिखा है, ''नस्लवाद और लिंगभेद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के लिए शुक्रिया अभय.''

सोशल मीडिया पर ज़्यादातर लोगों ने अभय की प्रशंसा की है. हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि अभय को काम नहीं मिल रहा है इसलिए ऐसा बोल रहे हैं.

बॉलिवुड अभिनेता अभय देओल ने इंडस्ट्री के बड़े सितारों को आक्रामक प्रहार किया था. अभय ने चमड़ी गोरी करने का दावा वाली क्रीम के प्रचार करने वाले सभी बड़े अभिनेताओं को निशाने पर लिया था.

फ़ेसबुक पर लगातार की गई कई पोस्ट में अभय ने शाहरुख़ ख़ान, दीपिका पादुकोण, जॉन अब्राहम, सोनम कपूर और शाहिद कपूर पर हमला किया है.

इमेज स्रोत, FACEBOOK

41 साल के अभय देओल ने 'देव डी' और 'ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा' जैसे फ़िल्मों में काम किया है.

अभय देओल ने अलग-अलग अभिनेताओं द्वारा किए जाने वाले फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों की तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में किया है. इन सबके के बीच अभय ने अभिनेत्री नंदिता दास की तारीफ़ की है.

अभय देओल ने इन विज्ञापनों को नस्लभेदी करार देते हुए बॉलीवुड के ताक़तवर अभिनेताओं को घेरा है.

अभय ने अपनी फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है, ''देश में कंपनिया खुलेआम और चालाकी से इस आइडिया को बेच रही हैं कि गोरी चमड़ी काली चमड़ी से अच्छी होती है. इस खेल में आपको कोई बताने वाला नहीं है कि यह अपमानजनक, फ़र्ज़ी और नस्ली है.''

इमेज स्रोत, FACEBOOK

अभय ने लिखा है, ''इसे आपको ख़ुद से ही देखना होगा. आपको इस आइडिया को ख़रीदना बंद करना होगा, जिसमें बताया जाता है कि कोई ख़ास रंग और रंगों से अच्छा है. दुर्भाग्य से जब आप मैट्रमोनियल विज्ञापनों को देखेंगे तो वहां भी यह थोपी हुई प्रवृत्ति साफ़ दिखती है. यहां तक कि हम किसी के चमड़ी के रंग को बताने के लिए 'डस्क' शब्द का इस्तेमाल करते हैं. एक व्यक्ति इस प्रवृत्ति को समुदाय में नहीं बदल सकता लेकिन कम से कम परिवार में बदलने की कोशिश करे.''

अभय ने शाहरुख़ ख़ान को घेरते हुए लिखा है, ''और किंग ख़ान ख़ुद ही आपसे पूछ रहे हैं- मर्द हो के लड़कियों वाली फेयरनेस क्रीम क्यों? इसमें आपको वो एक मर्द बनाने की कोशिश कर रहे हैं. गोरा बनना तो साइड इफ़ेक्ट है."

इमेज स्रोत, FACEBOOk

अभय ने दीपिका पादुकोण द्वारा किए जाने वाले एक फेयरनेस क्रीम के प्रचार को लेकर अपनी पोस्ट में लिखा है, ''टु इन वन फेयरनेस क्रीम. अगर आप दीपिका पादुकोण को ध्यान देखेंगे तो उनकी आंखें, वास्तविक आंखों से ज़्यादा चमकीली दिख रही हैं.''

इमेज स्रोत, facebook

इन सबके बीच अभय ने नंदिता दास की तारीफ़ की है. अभय ने नंदिता की तारीफ़ में लिखा है, ''एक नादान नंदिता दास हैं जो लोगों को सिखा रही हैं कि काला होना भी ख़ूबसूरत होना है. क्या वह नहीं जानती हैं कि हम लोग इस बात को पहले से ही जानते हैं? क्या हमने दक्षिण भारत के लोगों को स्वीकार नहीं किया है? यह क्या है? वह ओडिशा से हैं? क्या हम इसे दक्षिण राज्यों में शामिल कर सकते हैं.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)