'शुक्र है कि सोनू निगम ने हिम्मत तो दिखाई'

  • 18 अप्रैल 2017
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धर्मस्थलों में लाउडस्पीकर को लेकर किए गए अपने ट्वीट पर विवाद होने के बाद सोनू निगम ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए दोहराया है.

मंगलवार दोपहर किए ट्वीट में सोनू निगम ने कहा, "प्रिय लोगों, आपका पक्ष आपका अपना मानसिक स्तर दिखाता है. मैं अपने बयान पर क़ायम हूं. मंदिरों और मस्जिदों में लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं होनी चाहिए. बात ख़त्म."

सोनू ने तारेक फ़तह का ट्वीट भी रीट्वीट किया. फ़तह ने लिखा है, ''आपने बिलकुल सही कहा सोनू. ख़ुदा का शुक्र है कि भारत में कम से कम एक आदमी है जिसने मुल्लाओं की दादागिरी पर सवाल उठाने की हिम्मत तो दिखाई. सवेरे चार बचे की अज़ान बंद होनी चाहिए.''

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सोनू को जवाब देते हुए राहील ने लिखा, "अपने करियर के बारे में सोचो दोस्त. तब तो आपके कंसर्ट में भी लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए."

सोमवार को किए अपने ट्वीट में सोनू निगम ने सुबह अज़ान की वजह से नींद खुलने पर अपनी राय ज़ाहिर की थी.

उन्होंने लिखा था, ''ऊपरवाला सभी को सलामत रखे. मैं मुसलमान नहीं हूं और सवेरे अज़ान की वजह से जागना पड़ता है. भारत में ये जबरन धार्मिकता कब थमेगी.''

'मैं मुसलमान नहीं फिर अज़ान से क्यों जगूं?'

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उन्होंने लिखा था, ''मैं ऐसे किसी मंदिर या गुरुद्वारे में यक़ीन नहीं रखता जो लोगों को जगाने के लिए बिजली (लाउडस्पीकर) का इस्तेमाल करते हैं. जो धर्म में यक़ीन नहीं रखते. फिर क्यों? ईमानदारी से बताइए? सच क्या है?''

सोनू के इन ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर विवाद हुआ था. लोगों ने सोनू पर ही सवाल उठाए थे वहीं कुछ ने समर्थन भी किया था.

संगीत निर्देशक वाजिद ख़ान ने सोनू पर सवाल उठाते हुए लिखा, "सभी का अपना नज़रिया होता है लेकिन अपनी राय दूसरों की संवेदनाएं आहत किए बिना भी रखी जा सकती हैं. उम्मीद करता हूं कि सोनू निगम ये समझेंगे."

वाजिद ख़ान को जवाब देते हुए सोनू ने लिखा, "अगर आप मुसलमान न होकर सिर्फ़ भारत के नागरिक होकर होकर देखें तो आपको नज़र आएगा कि लोग क्या बात कर रहे हैं."

सोन के ट्वीट पर प्रमिला ने लिखा, "आवाज़ों की भीड़ में, इतने शोर-शराबे में अपनी भी इक राय रखना कितना मुश्किल है."

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