सोशल: 'सोनू को कोई मिस नहीं करेगा'

  • 25 मई 2017
बीबीसी इमेज कॉपीरइट CRISPY BOLLYWOOD

ट्विटर ने आपत्तिजनक ट्वीट करने पर सिंगर अभिजीत भट्टाचार्य का अकाउंट मंगलवार को बंद कर दिया था, जिसके बाद सिंगर सोनू निगम उनके समर्थन में उतर आए.

सोनू निगम ने ट्वीट करके पहले तो अभिजीत के समर्थन में कुछ ट्वीट किए. उसके बाद ट्विटर को अलविदा कह दिया.

इसे लेकर हमने फ़ेसबुक पर अपने पाठकों से पूछा था कि सोनू निगम के ट्विटर छोड़ देने के बाद क्या आप उन्हें मिस करेंगे?

इस पर लोगों ने जमकर अपनी राय दी और फ़ेसबुक पर पाठकों के हमें करीब 1,600 कमेंट्स मिले.

दीपक रतन सागर ने लिखा है, "यह छदम राष्ट्रवाद है. महिलाओं की बेइज़्ज़ती करते रहो, क्या यह सही है. ऐसे कथित नामी सिंगर हमें नहीं चाहिए."

दिनेश कुमार सिंह ने लिखा है कि ट्विटर को ऐसे लोगों को हटा ही देना चाहिए. गाली गलौज करने वाले गुंडे-मवाली लोगों को ट्विटर जैसे सोशल माध्यमों पर बैन किया ही जाना चाहिए.

इंदरजीत कुमार झा ने भी कुछ ऐसी ही राय रखी है. उन्होंने लिखा कि सोनू कोई मिस नहीं करेगा. ट्विटर निकालता, इससे पहले खुद ही ट्विटर छोड़कर उन्होंने अच्छा किया. कलाकारों की स्तर काफी गिरा है और ये अपने मुनाफ़े के लिए नीचता पर उतर आए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

शिफ़ा ख़ान का कहना है कि हिंदू और मुसलमानों के बीच दरार पैदा करने वालों को कोई कभी मिस नहीं करता. सोनू को भी नहीं करेगा. ट्वीट देखकर वैसे भी लगता था कि काम की कमी होने पर इन्होंने हिंदुओं पर टिप्पणी करने और अज़ान पर ट्वीट करने का काम शुरू किया था. ये नहीं चलेगा.

किशन चौहान ने लिखा, "सोनू के जाने से फ़र्क क्या पड़ता है. लोगों ने कभी जाकर उनके ट्वीट नहीं पढ़ें थे. मैंने भी नहीं. लेकिन चर्चा में आने के लिए अब ये लोग अपना स्तर गिरा रहे हैं. सोचिए, जो व्यक्ति ख़ुलेआम किसी को गोली मारने की इच्छा व्यक्त करता हो, उसके समर्थन में ट्विटर छोड़ने वाले से मुझे कोई सहानुभूति नहीं है."

मोहम्मद अहमद ने लिखा है कि यह साफ हो गया कि सोनू निगम अभिजीत के ही नक्शे कदम पर चल रहे थे. उसी हिसाब से उन्होंने अज़ान पर कमेंट भी किया था. ये वही बात है कि 'चोर-चोर मौसेरे भाई'.

योगेश सीकरवार ने सोनू के समर्थन में लिखा है कि सोनू बेशक देश के एक महान कलाकर हैं. लेकिन उनके एक ट्वीट के बदले में उन्हें विलेन बनाकर पेश करना भी ठीक नहीं है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार