सोशल: कंडोम के विज्ञापन में छोटी सी 'चूक' कंपनी पर पड़ी भारी

  • 15 सितंबर 2017
सेक्स, कपल, कंडोम, विज्ञापन, सोशल मीडिया, रेप इमेज कॉपीरइट Getty Images

कंडोम का मकसद होता है सेफ सेक्स को बढ़ावा देना और अनचाहे गर्भ को रोकना. कंडोम बनाने वाली कंपनियां भी अपने विज्ञापनों में यही संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं.

विज्ञापनों में कोशिश होती है कि नए और रचनात्मक तरीके से बात लोगों को समझाई जाए. हालांकि रचनात्मकता की भी एक सीमा होती है और छोटी सी चूक बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है. कुछ ऐसा ही हुआ है कंडोम बनाने वाली कंपनी 'से इट विद ए कंडोम' के साथ.

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सोशल मीडिया पर कंपनी के बनाए कंडोम के पैकेट की तस्वीरों पर चर्चा गर्म है. अगर आप इन पर नज़र डालेंगे तो पहली नज़र में आपको लगेगा कि ,'गो फ़र्दर विदाउट कंसेंट' यानी 'बिना सहमति के आगे बढ़िए' लिखा हुआ है.

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एक रेडिट यूजर ने पैकेट की तस्वीर इंटरनेट पर शेयर की और हंगामा मच गया. ये पैकेट अमरीका के कॉलेजों में सेफ़ सेक्स को बढ़ावा देने के मकसद से बांटे गए थे.

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जाहिर सी बात है लोग यह देखकर भड़क गए और कंपनी पर चौतरफ़ा हमले होने लगे. लोगों ने कहा कि बिना सहमति के सेक्स के लिए आगे बढ़ने को कहना रेप को बढ़ावा देने जैसा है.

हालांकि अगर आप पैकेट को ध्यान से देखें तो इस पर एक डोनट का सिंबल बना हुआ है. इसके बाद लिखा गया है,'गो फ़र्दर विदाउट कंसेंट'. यानी संदेश था,'डू नॉट गो फ़र्दर विदाउट कंसेंट'.

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यानी असल में मैसेज था बिना सहमति के आगे मत बढ़िए लेकिन 'डू नॉट' को शब्दों में लिखने के बजाय डोनट का सिंबल इस्तेमाल करने की वजह से ग़लतफ़हमी हो गई.

अब लोग सवाल कर रहे हैं कि इतने संवेदनशील मामले में इस तरह की क्रिएटिविटी दिखाने का क्या मतलब जो आसानी से समझ में ही न आए और संदेश पूरी तरह से उलटा हो जाए.

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एक ट्विटर यूज़र ने पूछा,''अगर किसी ने शराब पी रखी है तो क्या उसे यह समझ में आएगा?''

एक यूज़र सुराया ने कहा,''ईमानदारी से कहूं तो मैंने इसे पढ़ा 'बिना सहमति के आगे बढ़िए', मुझे हैरत है कि कंपनी को इस बारे में कोई फ़ीडबैक कैसे नहीं मिला?''

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