राहुल गांधी की 'लोकप्रियता' पर स्मृति इरानी के सवाल से बवाल

  • 21 अक्तूबर 2017
राहुल गांधी और स्मृति इरानी इमेज कॉपीरइट Getty Images

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट पर एएनआई की एक रिपोर्ट के हवाले से सवाल उठाया जा रहा है. एएनआई की इस रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच बहस छिड़ गई है.

ट्विटर पर #RahulWaveInKazakh टॉप ट्रेंड्स में शामिल है.

एएनआई का कहना है कि राहुल गांधी के OfficeofRG ट्विटर हैंडल देखने के बाद कुछ सवाल खड़े होते हैं. इस रिपोर्ट में सवाल खड़ा किया गया है कि क्या राहुल को ट्विटर पर लोकप्रिय बनाने के लिए 'बोट्स' का इस्तेमाल किया जा रहा है?

उधर, कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी को निशाना बनाकर 'कहानी गढ़ी' जा रही है.

ट्विटरबोट एक प्रकार का सॉफ्टवेयर है जो ट्विटर अकाउंट को ट्विटर एपीआई के ज़रिए नियंत्रित करता है. बोट सॉफ्टवेयर ख़ुद से रीट्वीट, लाइक्स, फॉलो और अनफॉलो की गतिविधियों को बढ़ा सकता है.

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इसके ज़रिए किसी दूसरे अकाउंट पर सीधे मैसेज भी भेजा जाता है. किसी भी शख्स के ट्विटर अकाउंट में लाइक्स, रीट्वीट और फॉलोअर्स का ऐसा बड़ा हिस्सा हो सकता है कि उसमें इंसानी हाथ की कोई भूमिका नहीं हो.

एएनआई ने राहुल के एक ट्वीट को मिसाल के तौर पर पेश किया है. इसमें कहा गया है, ''15 अक्टूबर को 'OfficeofRG' ट्विटर हैंडल से अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का एक ट्वीट रीट्वीट किया गया. ट्रंप ने अमरीका और पाकिस्तान के संबंधों की तारीफ़ की थी. 'OfficeofRG' ने ट्रंप के इस ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा था कि मोदी जी ट्रंप से एक और आलिंगन की ज़रूरत है. यह ट्वीट तत्काल ही 20 हज़ार बार रीट्वीट हो गया.''

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एएनआई ने लिखा है, ''इस ट्वीट के विश्लेषण से यह बात सामने आती है कि रूसी, कज़ाख और इंडोनेशियाई नागरिकों ने राहुल के इस ट्वीट को रीट्वीट किया. इन ट्विटर अकाउंट की फिर से निगरानी की गई तो पता चला कि इनके फॉलोअर्स सामान्य रूप से 10 से भी कम हैं. इन्होंने जो रीट्वीट किए हैं, वो भी बिल्कुल बेमेल मुद्दों पर हैं. ट्विटर पर इनकी गतिविधियां देखने से अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है कि किसी विचारधारा को लेकर इनकी कोई प्रतिबद्धता है.''

एएनआई की इस रिपोर्ट के ज़रिये भारतीय जनता पार्टी की तरफ़ से कांग्रेस पर तंज कसा जा रहा है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एएनआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए ट्वीट किया, ''शायद राहुल गांधी रूस, इंडोनेशिया और कज़ाखस्तान में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं? #RahulWaveInKazakh

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भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने भी के इस रिपोर्ट के आधार पर राहुल को निशाने पर लिया है. अमित मालवीय ने एक साथ कई ट्वीट किए हैं. एक ट्वीट में उन्होंने लिखा है, ''देश में भले ही युवराज को कोई गंभीरता से नहीं लेता हो, लेकिन उनके फ़र्ज़ी समर्थक रूस, इंडोनेशिया और कज़ाखस्तान तक फैले हुए हैं.''

अमित मालवीय ने एक और ट्वीट किया, ''बोट्स का इस्तेमाल खेल में डोपिंग की तरह है. यह मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर के लिए झटका है. राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट मज़ाक बन गया है.''

बीजेपी के इस हमले का कांग्रेस नेता शहज़ाद पूनावाला ने जवाब दिया है.

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एएनआई ने राहुल के ट्वीट में जैसा उदाहरण दिया है वैसा ही पूनावाला ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट को रीट्वीट करने वालों को पेश किया है.

पूनावाला ने भी मोदी के ट्वीट को रीट्वीट करने वाले कुछ ऐसे लोगों को सामने रखा है जिनके अकाउंट संदिग्ध मालूम पड़ते हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस मामले में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें फ़र्ज़ी युवराज कहा है. गोयल की इस टिप्पणी पर कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने कहा कि रेल मंत्री ट्विटर गेम खेल रहे हैं और आम आदमी एक टिकट के लिए मोहताज है.

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संजय झा ने दूसरे ट्वीट में कहा है, ''एक ऊटपटांग और प्रायोजित रिपोर्ट का सहारा लेकर पूरी मोदी सरकार राहुल गांधी पर हमले में लगी है. बीजेपी, मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि आपके अंत की शुरुआत हो गई है?''

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वहीं एक और कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर कहा, ''क्यों नहीं मोदी सरकार राहुल गांधी पर हमला करने के लिए एक पूर्णकालिक मंत्री बना देती है, ऐसे में दूसरे मंत्री अपना काम कर पाएंगे.

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